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आंवला के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण | Benefits of Amla

Benefits of Amla

आवलां का परिचय – Introduction  of Amla

छोटे आकार का साधारण सा फल आंवला औषधीय गुणों की खान है। यही वजह है कि इसे कई शारीरिक समस्याओं के घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है।

वहीं, आयुर्वेद में भी कुछ गंभीर समस्याओं से राहत दिलाने के लिए इसे एक औषधि के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है। यही कारण है,

कि इस लेख के माध्यम से हम आपको आंवला का उपयोग, आंवला के फायदे (Benefits of Amla) और आंवला के औषधीय गुण से जुड़े कुछ खास तथ्यों को बारीकी से समझाने जा रहे हैं।

लेख में आगे बढ़ने से पहले आपको यह समझना होगा कि कोई भी घरेलू उपचार समस्या से राहत दिलाने में कुछ हद तक मदद कर सकता है,

लेकिन उसे उस समस्या का उपचार नहीं कहा जा सकता। बीमारी के पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टरी परामर्श अतिआवश्यक है।

आंवला का प्रयोग कई तरह से किया जाता है, जैसे- आंवलाजूस (Amla juice), आंवला पाउडर (Amla powder), आंवला अचार आदि। आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल, और न्यूट्रिएन्ट्स होते हैं, जो आंवला को अनमोल गुणों वाला बनाते हैं।

आंवला क्या है? (What is Amla?)

आंवला अमृत फल है और जीवन के लिए वरदान है। इसमें विटामिन सी ,मिनरल, एसिड फाइबर पानी होते है। आंवला को आयुर्वेद में अमृतफल या धात्रीफल कहा गया है।

यहां तक कि आंवला को रसायन द्रव्यों में सबसे अच्छा माना जाता है यानि कहने का मतलब ये है कि जब बाल बेजान और रूखे-सूखे हो जाते हैं

तब आंवला का प्रयोग करने पर बालों में एक नई जान आ जाती है।आंवला का पेस्ट लगाने पर रूखे बाल काले, घने और चमकदार नजर आने लगाते हैं।

आयु बढ़ाने, बुखार कम करने, खांसी ठीक करने और कुष्ठ रोग का नाश करने वाली औषधि के लिए आंवला का उल्लेख मिलता है। आंवला वह औषधि है,

जो शरीर के दोष को मल के द्वारा बाहर निकालने में मदद करता है। पाचन संबंधित रोगों और पीलिया के लिए आंवला  (Indian gooseberry)  का उपयोग किया जाता है। चलिए आवलां के फायदे  जानते है। (Benefits of Amla)

आवलां के फायदे – Benefits of Amla

1. हाई ब्लड प्रेशर में (Benefits of Amla in high blood pressure)

आंवला उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होता है। इसके साथ ही ये दिमाग और शरीर दोनों को राहत देने का काम करता है। आंवला पाउडर, शहद के साथ मिलाकर खाना बहुत फायदेमंद होता है।

2. दिल को रखता है सुरक्षित Benefits of Amla in Heart Attack

आंवला कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिसकी वजह से हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। फाइबर और आयरन से भरपूर यह एलडीएल (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन) के ऑक्सीकरण को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है। इस अद्भुत फल का एक और लाभ यह है कि यह आर्थ्रोस्क्लेरोसिस (धमनियों में पट्टिका का संचय) को रोकता है, जिससे आपको हृदय रोग से बचाता है।

3. सूजन को कम करने मे सहायक (Benefits of Amla in swelling)

आंवला जूस के फायदे सूजन की समस्या में भी लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवला में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण भी पाया जाता है।

इस गुण के कारण आंवला का सेवन हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित सूजन की समस्या को दूर करने में कुछ हद तक मदद कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

4. वजन घटाने में मददगार (Benefits of Amla in weight loss )

मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए आंवला फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के मुताबिक आंवले पर किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है।

चूहों पर किए गए इस शोध में माना गया कि आंवले में एंटीओबेसिटी यानी मोटापे की समस्या से राहत दिलाने वाला गुण पाया जाता है। इस तथ्य के आधार पर यह माना जा सकता है,

कि आंवला का उपयोग कर मोटापे की समस्या से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। हालांकि, इसके साथ ही रोगी को नियमित व्यायाम और संतुलित खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है, ताकि इस समस्या में रोगी को सकारात्मक रूप से आंवला के फायदे हासिल हो सकें।

5. दांतो के लिए फायदेमंद है आवलां (Benefits of Amla in tooth)

अगर हमारे दांत ही मजबूत नहीं होंगे तो हम खाने को ग्रहण कैसे कर पाएंगे ? लेकिन अगर आंवले का सेवन रोजाना किया जाए तो हम दांतो की सेहत को मजबूत बना सकते हैं।

आंवला खाने से दांतों में कीड़ा लगने की संभावना कम हो जाती है। एंटीइक्रोबायल शक्तियां होने के कारण आंवला रोगजनक वायरस और बैक्टीरिया से होने वाली समस्याओं को हमसे दूर रखता है।

आप आंवला विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं। आमला जूस, आमला ताजा फल, आंवला चूर्ण या पाउडर, आंवला टेबलेट, आंवला कैप्सूल, आंवले का अचार या मुरब्बा, आदि के रूप में अपने स्वास्थ्य को देखते हुए इसका सेवन करना चाहिए।

आंवले की प्रवृत्ति ठंडी यानी शीत होती है। आंवला के अन्य भी कई सारे फायदे हैं जिनकी वजह से हमारा शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रह सकता है। इसीलिए आज से ही अपनी जीवनशैली में आंवला के लिए जगह बना लीजिए और उसका प्रयोग शुरू कर दीजिए।

6. अपच मे फायदेमंद आवलां (Benefits of Amla in indigestion)

कई बार असमय खाने या कुछ भी गलत खा लेने पर अपच या इंडाइजेशन हो जाता है। इसके लिए आंवला को पका लें। इसमें उचित मात्रा में काली मिर्च, सोंठ, सेंधा नमक, भूना जीरा और हींग मिला लें। इसे छाया में सुखाकर सेवन करने से भूख लगती है, तथा कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

7. बालों के लिए फायदेमंद (Benefits of Amla in hair growth)

अन्य स्वास्थ्य लाभों के साथ ही आंवला के गुण बालों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवले में मौजूद विटामिन सी कोलाजन प्रोटीन का उत्‍पादन करता है, जो बालों की ग्रोथ के लिए मददगार साबित हो सकता है।

यहीं कारण है कि हेयर केयर प्रोडक्ट्स में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। आंवला के गुणों के कारण इसे कई एविडेंस बेस्ड कम्प्लीमेंटरी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन द्वारा चूहों पर किए गए एक और शोध से इस बात का पता चलता है।

शोध में माना गया कि आंवला एक बेहतरीन हेयर टॉनिक है, जो बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही यह बालों के प्राकृतिक रंग को भी बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। इसलिए, यह माना जा सकता है, कि बालों के लिए भी आंवला और इसके रस के फायदे हासिल किए जा सकते हैं।

इसे भी पढ़ेHow to Stop Hair Fall | बालो का झड़ना (Hair Fall) कैसे रोके।

8. पीलिया में फायदेमंद आंवला (Benefits of Amla in jaundice)

कामला को पीलिया भी कहते हैं। पीलिया होने पर त्वचा का रंग पीला हो जाता है और शुरुआती स्थिति में इलाज नहीं होने पर यह गंभीर हो सकता है।

  • आंवले की चटनी बनाकर उसमें शहद मिला लें। इसका सेवन करने से लिवर विकार और पीलिया (Amla ke fayde) में लाभ होता है।
  • 125-250 मिग्रा लौह भस्म के साथ 1-2 नग आंवले के चूर्ण का सेवन करने से पीलिया और एनीमिया में लाभ होता है।

9. बवासीर में फायदेमंद आंवला (Benefits of Amla in piles)

अर्श यानि बवासीर कब्ज के कारण होने वाली बीमारी है। अक्सर जो लोग मसालेदार खाना खाते हैं उनको ये समस्या होती है। इसके लिए आंवला का उपयोग लाभ पहुंचाता है।

  • आँवलों को अच्छी तरह पीसकर एक मिट्टी के बरतन में (अन्दर की तरफ) लेप कर देना चाहिए। रोगी को इस बरतन में छाछ रखकर पीना चाहिए। इससे बवासीर में लाभ होता है।
  • बवासीर में अधिक रक्तस्राव होता हो तो 3-8 ग्राम आंवला चूर्ण को दही की मलाई के साथ सेवन करें। ऐसा दिन में दो-तीन बार करें।

10.आंखों की बीमारी में फायदेमंद आंवल (Benefits of Amla in eyes cure)

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी की मौजूदगी होती है जिस कारण से आंखों की जलन अमूमन घट जाती है। जो व्यक्ति आंवले का सेवन नियमित रूप से करता है उसकी आंखों में रेटीना को आंवले के अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण से काफी लाभ मिलता है और साथ ही आंखों की रोशनी बढ़ने लगती है।

  • आंवले के 1-2 बूंद रस को आंखों में डालने से आंखों के दर्द से राहत मिलती है।
  • आंवले के बीज को घिसकर आंखों में लगाने से आंखों के रोग में फायदा पहुंचता है।
  • अपांप्म, आंवले का रस, धाय के फूल, नीलाथोथा तथा खपरिया तुत्थ को नींबू के रस से मिला लें। इसकी गोली बनाकर आंखों में काजल की तरह लगाने से आंखों के अनेक रोग ठीक होते हैं।
  • 7 ग्राम आंवले को जौ के साथ कुटकर ठंडे पानी में भिगो लें। दो-तीन घंटे बाद आंवलों को निचोड़ कर निकाल लें। इसी पानी में फिर से दूसरे आंवला को ऐसे ही भिगो दें। दो-तीन घंटे बाद फिर निचोड़ कर निकाल लें। इस तरह तीन-चार बार करें। इस पानी को आंखों में डालने से आँखों की सूजन कम (Amla ke fayde) होती है।
  • आंवले के पत्ते और फल का मिश्रण आंखों में लगाएं। इससे आंख आने की परेशानी से राहत मिलती है।
  • आंवले को पीसकर पेस्ट बना लें, और उसकी पोटली बनाकर आंखों पर बांधें। इससे पित्त दोष के कारण होने वाली आंखों की खुजली, जलन आदि की परेशानी में लाभ मिलता हैं।

और पढ़े – Burning eyes causes | आंखों में जलन के कारण एवं 5 इलाज

11. उल्टी से आराम दिलाता है आंवला

  • 10-20 मिली आंवला के रस (Amla juice) में 5-10 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करें। इससे हिचकी और उल्टी बंद हो जाती है।
  • 5-10 ग्राम आंवला के चूर्ण (Amla powder) को पानी के साथ पीने से भी उल्टी में फायदा होता है।

12. हड्डियों को मज़बूत बनाता है आवला 

आंवला रसायन होने के के कारण सभी शरीर की सभी धातुओं को पोषण देता है। अतः यह अस्थि धातु को भी पोषण देकर हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

13. दिमाग को आवलां मदद करता है  

आंवला का उपयोग दिमाग की क्रियाशीलता बढ़ाने में सहायक होता है। आंवला में पाये जाने वाला रसायन गुण दिमाग को तेज करने में मदद करता हैं।

14. दांतों के लिए फायदेमंद आवलां 

आंवला की पत्तियां और फल दोनों ही मुँह से संबंधित रोगों में फ़ायदेमंद होते है। आंवला की पत्तियों का प्रयोग दांतो की मजबूती के लिए किया जाता है साथ ही फल का प्रयोग मसूड़ो यानि (गम्स) से संवंधी रोगों में फायदेमंद होता है।

आंवला का उपयोग – How to Use Amla in Hindi

आंवला का उपयोग कैसे करें इस बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से अच्छी तरह समझा जा सकता है।

  • वहीं चाहें तो अन्य फलों के साथ हेयर मास्क बनाने के लिए भी इसे उपयोग में ला सकते हैं।
  • त्वचा पर लगाने के लिए और रंगत में सुधार के लिए इसका फेस मास्क बनाकर भी उपयोग किया जा सकता है।
  • इसका पेस्ट सूजन वाले स्थान पर लगाने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है।

आंवला को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

वैसे तो आंवला सर्दी के मौसम में मिलता है और इसके सीजन के दौरान इसे फ्रिज में अन्य सब्जियों की तरह ही करीब पांच से छह दिन तक स्टोर कर सकते हैं।

वहीं, अगर इसे लंबे समय के लिए सुरक्षित करना चाहते हैं तो आंवला का मुरब्बा, आंवला कैंडी, आंवला का रस, आंवला का लड्डू, आंवला का चूर्ण, आंवला का अचार और आंवले की चटनी बनाकर स्टोर कर सकते हैं।

 आवलां के विषय मे पूछे जाने वाले प्रश्न 

Q. आंवला के सेवन से क्या नुकसान होता है?

A. सामान्यतः आंवला का प्रयोग करने से किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, लेकिन इसकी तासीर शीत होने के कारण इसका सर्दी में फल रूप में प्रयोग करने से बचना चाहिए।

Q. आंवले की तासीर क्या है?

A. आंवले एक प्रकार का स्वादिष्ट फल होता है। जिसमें आयुर्वेद के अनुसार लवण रस को छोड़कर पांचों रस पाए जाते हैं, जिसमें अम्ल और कषाय प्रधान होता है। आंवले की तासीर शीत यानि ठंडी होती है अर्थात इसके सेवन से शरीर शीतल होती है। 
Q. क्या गर्भावस्था में आंवला खाना सुरक्षित है?

A. जी बिलकुल, गर्भावस्था के दौरान आंवला का सेवन सुरक्षित माना जा सकता है। कारण यह है कि महिलाओं में इस दौरान होने वाली विटामिन सी और आयरन की कमी को पूरा करने में आंवला मददगार साबित हो सकता है। वहीं, यह रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में भी सहायक माना जाता है। 

Q. सर्दियों में आंवले का सेवन कैसे करें? 

A. सर्दियों के दिनों में आप आंवले का सेवन कई तरीकों से कर सकते हैं। आप चाहें तो सीधे फल खा सकते हैं या फिर इसका जूस पी सकते हैं। सर्दियों में अधिकांश लोग इम्यूनिटी और शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश का सेवन करते हैं। च्यवनप्राश का मुख्य घटक भी आंवला ही होता है, इसलिए अगर आपको आंवले के फल या जूस का स्वाद पसंद नहीं है तो च्यवनप्राश के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा बाज़ार में मिलने वाले आंवले के चूर्ण, कैंडी , कैप्सूल और मुरब्बे का भी उपयोग किया जा सकता है। 

Q. क्या आंवला और शहद साथ में ले सकते हैं? 

A.जैसा कि लेख में ऊपर बताया जा चुका है कि आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आंवले के जूस में शहद मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि आंवला को शहद के साथ उपयोग में लाया जा सकता है डायबिटीज के पेशेंट्स आंवले को शुगर के साथ लेने से परहेज करें।

Q. क्या कच्चे आंवले खाना ज्यादा फायदेमंद है?

A. विशेषज्ञों की मानें तो कच्चे आंवले के फायदे सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं। हालांकि, आंवले के मुरब्बे, चूर्ण और पाउडर में भी इसके गुण बरकरार रहते हैं। आप आंवले को किसी भी तरह डाइट में शामिल कर सकते हैं। कच्चे आंवले का सेवन करने से पूर्व एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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