4 टिप्स सेहत के लिए – Health Tips in Hindi

Health Tips in Hindi

आज हम सेहत को सही रखने के 4 टिप्स जानेंगे जो हमारे स्वास्थ्य को अच्छा रखने मे बहुत मदद करेंगे ।

By – Ravi Pratap

Health tips in hindi

स्वस्थ रहने के 4 प्राकृतिक नियम और निरोगी रहने के तरीके जानने से पहले जान लें की हम खुद शरीर को स्वस्थ या निरोगी नहीं रहने देते है। ये आपको कुछ अजीब सा जरूर लग रहा होगा।

लेकिन ये सच है। हमारे शरीर में रोगों से लड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। रोगों से लड़ने में हमें शरीर का साथ देना चाहिये वर्ना शरीर जरूर बीमार हो जायेगा ।

शरीर का साथ देने के लिए हमे किसी महंगी दवा खाने की जरुरत नहीं है। जरुरी सिर्फ ये है की शरीर की प्रकृति को समझकर जो शरीर को चाहिए वो ही उसे दें।

बीमारी से दूर रहने के लिए स्वच्छ जीवन और हेल्दी रहना बेहद आवश्यक है। इसलिए इन प्राकृतिक नियमो का पालन जरूर करे। इन नियमो का पालन से व्यक्ति रोग मुक्त रहता है। 

Also read this : The Benefits Of Aloe vera | एलोवेरा के अद्भुत लाभ

(1) जीवित भोजन ( Living Food) :-

डिब्बा बंद

हमें हमेशा Living Food (जीवित भोजन) ही खाना चाहिए। जीवित भोजन जैसे फल , सब्जियां , अनाज , मेवे आदि। और आप एक बात का जरूर पालन करे। कि आप पकेट बंद , डिब्बा बंद , बोतल बंद कुछ ना खाए ।

(2) पूर्णता भोजन (Wholesome Food ) :- 

हमें ऐसा भोजन करना चाहिए जिसमें पूर्णता हो । प्रकृति को सब पता है कि हमें किस चीज की जरूरत है वह किसी कारण से हमें नारियल देती है नारियल का तेल नहीं, खजूर तो देती है पर चीनी नहीं, आलू देती है पर चिप्स नहीं। वो भोजन जो हमें धरती से मिलता है,

उसमे पूर्णता होती है। मतलब वो खुद में पूरा होता है उसमें कुछ भी निकला नहीं गया है। प्रकृति ने उसमे सब कुछ दिया है प्रोटीन , फैट्स , विटामिन्स  सब रेश्यो में दिया है ताकि हम मानव उसे अच्छी तरह पचा सके।

(3) शुद्ध शाकाहारी भोजन (Plant Based Food) :- 

हमे ऐसा भोजन खाना चाहिए जो पेड़ पौधों से मिलता हो, ना कि पशुओ से मिलता हो। मीट, मछली या अंडा बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। प्रकृति ने हमें मांस खाने के लिए बनाया ही नहीं है।

इसलिए हमें फल, सब्जी और पेड़ पौधों से मिलने वाला भोजन ही करना चाहिए। और गाय के शुद्ध दूध की जगह नारियल के दूध का इस्तेमाल करे।

(4) रस से भरा हुआ (Water Rich ) :-

हमेशा ऐसा भोजन खाए जो रस से भरा हुआ हो। मतलब जिसमें पानी की मात्रा भरपूर हो।  

उदाहरण : हमारा भोजन दो प्रकार का होता है।  

(i) Water Rich –  जिसमें पानी की मात्रा भरपूर हो। जैसे:

  • खीरा मे 96 प्रतिशत पानी
  • टमाटर मे 94 प्रतिशत पानी
  • मूली मे 95 प्रतिशत पानी
  • पालक मे 91 प्रतिशत पानी
  • सलाद पत्ता मे 96 प्रतिशत पानी
  • हरी शिमला मिर्च मे 93 प्रतिशत पानी
  • बेबी कैरेट्स (गाजर) मे 90 प्रतिशत पानी

तो दोस्तों आपको अब पता हो गया होगा कि किसमे कितने प्रतिशत पानी की मात्रा है। यदि आप इन सभी का सेवन करते है, तो आपके शरीर मे पानी की मात्रा कम नहीं होगी।

और आपके बाजार मे और भी ऐसी हरी सब्जियां , फल मिल जाएंगे । तो आप उन सभी का सेवन जरूर करे। और साथ ही पानी भी पीते रहे।

(ii) Water Poor – जिसमें पानी की मात्रा न हो।

Water Rich : जैसा कि हम सब जानते है, Water Rich का मतलब है , कि जिसमे पानी की मात्रा भरपूर हो। जैसे : तरबूज, पपीता, अंगूर, संतरा, टमाटर, खीरा, लौकी, पत्तेदार सब्जी आदि।

Water rich

Water Poor : जैसा कि हम सब जानते है, water poor का मतलब है , कि जिसमे पानी की मात्रा न हो। जैसे : अनाज, गेहूं, चावल,चपाती, दाल, सूखेे मेवे, अरबी आदि।

Water poor

हमें पता है, कि हमारा शरीर 70% पानी से बना है, और 30% सॉलिड जैसे हड्डी, मसल और मांस से बना है। इसलिए हमें 70% भोजन water rich (जिसमें पानी हो) जैसे जूस ,फल, सब्जी आदि ही करना चाहिए।

और 30% water poor जैसे अनाज, और सूखे मेवे आदि  खाना चाहिए। लेकिन हम हमेशा इसका उल्टा करते है।  दिन में तीन बार अनाज खाते है, जो पूरी तरह पचता नहीं है,

इसलिए हमे इतने सारी बीमारियां हो रही है। इसलिए हमे हमेशा ऊपर दिए गए 4 प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए।

कुछ खास टिप्स सेहत के लिए

  • सुबह का नाश्ता जरूर से करें, जो पौष्टिक हो। दोपहर का खाना सामान्य तथा रात खाना हल्का लें।
  • भोजन के तुरंत पहले व बाद में पानी न पिएँ। और नीबू मिला जल दिन में प्रचुर मात्रा में लें।
  • भूख न होने पर खाना न खाएँ। भोजन में तेल-घी की मात्रा limit मे रखें।
  • पानी ज्यादा पिएँ। कम से कम दिनभर में 8-10 गिलास। कम पानी पीने वालों को कब्ज तथा अन्य दिक्कतें हो सकती हैं। पनि खून को तरल बनाता है।
  • सुबह उठते ही 1 गिलास ताँबे के लोटे का गुनगुना पानी पियें ।
  • रात को सोते समय 1 गिलास गुनगुने पानी में नीबू डालकर पियें या आप एक ग्लास गुनगुना दूध मे हल्दी डालकर पियें।
  • रोटी कम खाएँ। सब्जी-फलों का सेवन अधिक करें।
  • भोजन के बाद तुरंत नहीं सोएँ। खाना खाकर 40-50 कदम टहलें, फिर सोने जाएँ।
  • यदि आप खाना खाने जा रहे है, और आपको प्यास लागि है तो आप खाने से 40 मिनट पहले पानी पियें। उसके बाद खाना खाएं और खाना खाने के बाद भी लगभग 1 घंटे बाद पानी पियें।

इसे भी पढे ..

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *