शिलाजीत के फायदे, उपयोग और नुकसान – Shilajit Benefits In Hindi

Shilajit Benefits In Hindi

शिलाजीत औषधि गुणों से भरपूर होता है। और हिमालयी क्षेत्रों पेन पाया जाता है। शिलाजीत कई समस्याओं से बचाव करने में मदद करता है। शिलाजीत का इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा है। हमारे पूर्वज भी शिलाजीत का इस्तेमाल औषधि के रूप में करते थे।

हिन्दीहेल्थगाइड के इस आर्टिकल में जानेंगे कि शिलाजीत क्या है? शिलाजीत के फायदे (Shilajit Benefits In Hindi), शिलाजीत के नुकसान और शिलाजीत को उपयोग करने का तरीका क्या है? ध्यान दें कि शिलाजीत किसी भी समस्या का permanent (स्थायी) इलाज नहीं है।

शिलाजीत किसी भी समस्या थोड़ी राहत जरूर पहुंचाएगा। लेकिन शिलाजीत पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता है। गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

शिलाजीत क्‍या है? – What is Shilajit ?

शिलाजीत एक खास प्राकृतिक खनिज पदार्थ है। शिलाजीत काले रंग का चिपचिपा पदार्थ होता है। इसका निर्माण प्राकृतिक तरीके से होता है।और इसके निर्माण में लगभग हजारों वर्ष लग जाते है। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, यूफोरबिया, रायलियाना और ट्राइफोलिया रेपेंस जैसी पौधों की प्रजातियों के अपघटन (Decomposition) के बाद शिलाजीत तैयार होता है। शिलाजीत सूखने पर चमकीला हो जाता है। और शिलाजीत सूखने के बाद इसमें से गौमूत्र जैसी महक आने लगती है।

शिलाजीत के फायदे – Shilajit Benefits In Hindi

औषधि गुणों से भरपूर शिलाजीत के फायदे कुछ इस प्रकार है।

1. दिल को स्वस्थ रखने में फायदेमंद

शिलाजीत के इस्तेमाल से हाई बीपी को कम करने में मदद मिल सकती है। और शिलाजीत संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। ये दोनों कारण ही हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, शिलाजीत को हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है। इस आधार पर शिलाजीत को हृदय के लिए भी उपयुक्त माना जा सकता है।

2. दिमाग के लिए फायदेमंद

शिलाजीत में फुल्विक एसिड (fulvic acid) पाया जाता है। यह तत्व याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है। शिलाजीत व्यक्ति की याद रखने की क्षमता को बढ़ाकर यह दिमागी शक्ति को बढ़ाने का काम कर सकता है।

3. थकान दूर करने में फायदेमंद

शिलाजीत के गुण थकान दूर करने में भी फायदेमंद है। अधिकतर मोटे लोगों के लिए थकान एक आम बात है। वहीं, शिलाजीत के इस्तेमाल से मोटापे की इस समस्या को दूर किया जा सकता है। शिलाजीत मोटापे के कारण होने वाली थकान की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकता है।

4. कैंसर में फायदेमंद

शिलाजीत में कुछ ऐसे गुण होते है जो कैंसर से बचाव करने में सहायक होते है। इसमें एंटीट्यूमर, एंटी-म्यूटाजेनिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, इम्यूनो-मॉड्यूलेटर और फोटो-प्रोटेक्टिव गुण होते हैं। कई शोधों के मुताबिक, शिलाजीत का सेवन करने से कई प्रकार के कैंसर –

जैसे फेफड़ों, स्तन, कोलन और लीवर कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। क्योंकि शिलाजीत में फुलविक एसिड और ह्यूमिक एसिड की उच्च मात्रा पाई जाती है जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकते हैं। फुलविक एसिड “सुपर एंटीऑक्सिडेंट” के रूप में काम करता है जो कि कैंसर कि समस्या से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।

5. हड्डियों की ग्रोथ में फायदेमंद

शिलाजीत के गुण हड्डियों की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डालते है। शिलाजीत में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, और यह शरीर के अन्य खाद्य स्रोतों से इसे अवशोषित करने की क्षमता में भी सुधार करता है जिससे हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में बेहद मदद मिलती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि शिलाजीत के फायदे हड्डियों कि ग्रोथ में फायदेमंद है।

6. कोलेस्ट्रोल को कम करने में फायदेमंद

कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी शिलाजीत फायदेमंद हो सकता हैं। चूहों पर कि गई एक रिसर्च के मुताबिक शिलाजीत का एक अहम गुण संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रोल, ट्रिगलिसेराइड और हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को सुधारना भी है। इस गुण के कारण यह बढ़े हुए कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या को नियंत्रित करने में शिलाजीत के फायदे देखे जा सकते हैं।

7. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में फायदेमंद

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए शिलाजीत का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक आयुर्वेदिक शोध के मुताबिक, शिलाजीत के औषधीय गुणों में से एक एंटीहाइपरटेंसिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) प्रभाव भी है। इस प्रभाव के कारण शिलाजीत का सेवन बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में बेहद मदद कर सकता है। शिलाजीत के गुण हाई बीपी की समस्या को नियंत्रित(Control) करने में फायदेमंद है।

8. डिमेंशिया में फायदेमंद

यह समस्या भी यादाश्त से संबंधित है। डिमेंशिया में व्यक्ति को चीजों को याद रखने में परेशानी होती है। इस बीमारी के कारण सोचने-समझने की क्षमता भी कम हो जाती है। शिलाजीत कि मदद से इस समस्या को कम किया जा सकता है। शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है, जो याददाश्त को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

वहीं, इसका इम्यूनोस्ट्यूमुलेंट (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला) गुण तंत्रिका संबंधी समस्या को ठीक करने में मदद कर सकता है। यह दिमाग में मौजूद विषैले और हानिकारक तत्वों को हटाने में भी मदद कर सकता है। शिलाजीत डिमेंशिया कि समस्या को खत्म करने में बेहद लाभकारी है।

9. मर्दानगी बढाने में फायदेमंद

शिलाजीत को पुरुषों की मर्दानगी यानी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है। क्योंकि इसमें पुरुष टेस्टोस्टेरॉन (यौन क्षमता से संबंधित हॉर्मोन) को बढ़ाने की क्षमता पाई जाती है। इसके अलावा, यह ओलिगोस्पर्मिया (पुरुष स्पर्म का कम होना) और बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण पुरुष प्रजनन क्षमता में कमजोरी को ठीक करने में भी मदद कर सकता है। शिलाजीत पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाने में फायदेमंद साबित हो सकता है।

10. बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद

शिलाजीत बुढ़ापे में होने वाली दिमागी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर जारी किए गए एक शोध अनुसार, शिलाजीत एंटीएजिंग (बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करना) और रेज्यूवेनेटिंग (तरोताजा करने वाला) गुण पाया जाता है। ये दोनों गुण सम्मिलित रूप से शरीर को नई ऊर्जा प्रदान कर, बढ़ती उम्र के शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

शिलाजीत का उपयोग – Uses of Shilajit in Hindi

Shilajit Benefits In Hindi

शिलाजीत को उपयोग करने के तरीके कुछ इस प्रकार है-

  • शिलाजीत का सेवन घी या मक्खन के साथ भी किया जा सकता हैं।
  • शिलाजीत का सेवन नारियल तेल के साथ भी किया जा सकता है।
  • शिलाजीत का सेवन दूध के साथ भी किया जा सकता है।
  • शिलाजीत पाउडर का सेवन इलाइची के दाने और शहद के साथ किया जा सकता है।
शिलाजीत कब खाएं :

इसका सेवन व्यायाम करने से पहले और रात को सोने से पहले किया जा सकता है।

शिलाजीत कितनी मात्रा में खाएं : 

रोजाना शिलाजीत की 300-500 मिलीग्राम मात्रा का उपयोग किया जा सकता है। यह मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

शिलाजीत के नुकसान – Side Effects of Shilajit in Hindi

वैसे तो शिलाजीत के कोई भी नुकसान नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों इसके नुकसान भी हो सकते है :

  • ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन से पूर्व डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि शिलाजीत में ब्लड प्रेशर को कम करने वाला गुण भी पाया जाता है।
  • डायबिटीज की दवा के साथ शिलाजीत के उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • शिलाजीत की तासीर गर्म होती है, जिस कारण अधिक सेवन करने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
  • शिलाजीत का सेवन अगर अशुद्ध रूप में किया जाए, तो इससे नशा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें माइकोटॉक्सिन (फंगस द्वारा उत्पन्न एक विषैला पदार्थ) और फ्री रेडिकल्स आदि मौजूद होते हैं।

शिलाजीत का इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा है। और शिलाजीत के फायदे अनेक है। और हम उम्मीद करते है कि आप भी शिलाजीत के फायदे समझ गए होंगे और साथ ही शिलाजीत उपयोग करने का तरीका और नुकसान अच्छे से समझ आ गए होंगे।

ध्यान रहे, कि बीमारी होने पर सिर्फ शिलाजीत पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। बल्कि गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। और ये जानकारी अपने परिवार और दोस्तों को जरूर शेयर करें ताकि उन्हे भी ये जानकारी मिल सकें। और ऐसी ही जानकारी के लिए हिन्दीहेल्थगाइड (HindiHealthGuide) से जुड़े रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – Shilajeet FAQ
1. क्या शिलाजीत महिलाओं के लिए अच्छा है?

जी हां, शिलाजीत के उपयोग से महिलाओं की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। शिलाजीत महिलाओं में ओवेल्यूशन (गर्भधारण के लिए अंडो के सक्रिय होने की प्रक्रिया) को बढ़ावा दे सकता है।

2. डाबर शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल क्या है?

डाबर शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल, डाबर का एक प्रोडक्ट है जिसे शिलाजीत के साथ साथ अश्वगंधा, केवांच बीज, सफ़ेद मुश्ली, केशर, स्वर्ण भस्म जैसी कई प्राकृतिक जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया जाता है।

3. शिलाजीत कैसा दिखता है?

शिलाजीत एक चिपचिपा व काले रंग या भूरे रंग का पदार्थ होता है। और सूखने पर चमकीला हो जाता है। और इसमें से गौमूत्र जैसी महक आने लगती है।

4. क्या शिलाजीत लिवर के लिए अच्छा है?

जी हां, शिलाजीत लिवर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, लिवर के लिए इसे अच्छा माना जा सकता है।

5. क्या शिलाजीत एक स्टेरॉयड है?

जी नहीं, शिलाजीत एक प्राकृतिक पदार्थ है, जिसमें प्रोटीन, मिनरल और लिपिड के साथ 5 प्रतिशत स्टेरॉयड भी होता है।

6. शिलाजीत का सेवन किसे नहीं करना चाहिए ?

शिलाजीत का सेवन वैसे तो हर व्यक्ति कर सकता है। लेकिन थैलेसिमिया, एसिडीटी, अल्सर और पाइल्स से पीड़ित व्यक्ति को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर शिलाजीत के सेवन से शरीर में लाल दाने होते है या सर में चक्कर आते है और ह्रदय की गति बढ़ती है तो तुरन शिलाजीत का सेवन बंद कर देना चाहिए।

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