अश्वगंधा के फायदे और नुकसान – Benefits Of Ashwagandha In Hindi

Benefits Of Ashwagandha In Hindi

अनेकों गुणों से भरपूर अश्वगंधा के फायदे भी अनेक है। विश्व में सदियों से अश्वगंधा का इस्तेमाल लिया जा रहा है। अश्वगंधा के औषधि गुणों को विज्ञान भी मानती है। अश्वगंधा एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है। हमारे पूर्वज भी अश्वगंधा को औषधि के रूप में इस्तेमाल करते थे। ऐसा माना जाता है

कि अश्वगंधा के औषधि गुण व्यक्ति को स्वस्थ और फिट रखते है। आज भी अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जाता है। अश्वगंधा के सभी फ़ायदों का लाभ लेने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक पढे। आज के इस आर्टिकल में अश्वगंधा के फ़ायदे (Benefits Of Ashwagandha In Hindi), नुकसान (Side Effects) और अश्वगंधा से जुड़ी तमाम जानकारी विस्तार से जानेंगे।

अश्वगंधा क्या है – What is Ashwagandha

अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधीय जड़ी बूटी है। अश्वगंधा का इस्तेमाल सदियों से जड़ी बूटी के रूप में किया जा रहा है। विथानिया सोम्निफेरा (Withania somnifera) अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम है। अश्वगंधा जड़ी बूटी की दवा, चूर्ण व कैप्सूल बनाए जाते है।

अश्वगंधा सिर्फ शारीरिक बीमारियों को ही नहीं बल्कि मेंटल हेल्थ को भी फिट रखता है। अश्वगंधा का पौधा लगभग 35 से 75 सेमी लंबा होता है। अश्वगंधा की विश्वभर में लगभग 23 प्रजातियां और भारत में 2 प्रजातियां पाई जाती हैं। अश्वगंधा को कई जगह विंटर चेरी और इंडियन गिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है।

अश्वगंधा की खेती राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात आदि राज्यों में होती है। अश्वगंधा को कोई भी आयुर्वेदिक स्टोर या बाजार आसानी से खरीदा जा सकता है।

अश्वगंधा के फायदे – Benefits of Ashwagandha in Hindi

औषधि गुणों से भरपूर अश्वगंधा के फायदे भी अनेक है। जो आपको फिट रखने में मदद करेंगे। तो चलिए उन फ़ायदों को जानते है।

नोट – ध्यान दे, कि किसी को भी गंभीर बीमारी होने पर अश्वगंधा पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टरी ट्रीटमेंट जरूर कराएं।

1. तनाव के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

कई बीमारियों तनाव की समस्या के कारण ही होती है। एक शोध के अनुसार, अश्वगंधा में उपस्थित एंटी-स्ट्रेस गुण तनाव कम करके इसके कारण होने वाली सभी बीमारियों से बचा सकता है। अश्वगंधा में यह एंटी-स्ट्रेस प्रभाव सिटोइंडोसाइड्स (Sitoindosides) और एसाइलस्टरीग्लुकोसाइड्स (Acylsterylglucosides) नामक दो कंपाउंड की वजह से पाया जाता है। अश्वगंधा के यही गुण तनाव से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

2. इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

Immunity

इम्यूनिटी को हमारे शरीर का रक्षा कवच कहा जाता है। क्योंकि इम्यूनिटी ही रोगों से लड़ती है और बीमारियों से छुटकारा दिलाती है। इसलिए हमरे शरीर की इम्यूनिटी बेहतर होनी चाहिए। कुछ वैज्ञानिक शोधों के अनुसार अश्वगंधा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

अश्वगंधा में मौजूद इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव शरीर की जरूरत के हिसाब से रोग प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव कर सकता है। जिससे रोगों और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिल सकती है।

3. आंखों के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

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अश्वगंधा के गुण आँखों के लिए भी फायदेमंद है। आजकल लोग आंखों से जुड़ी बीमारियां का शिकार ज्यादा हो रहे हैं। मोतियाबिंद लोगों को तेजी से हो रहा है, हैदराबाद में हुई एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मोतियाबिंद से लड़ने में सहायता कर सकते हैं।

शोध में यह भी पाया गया कि अश्वगंधा मोतियाबिंद की समस्या से प्रभावशाली तरीके से काम कर सकता है। अश्वगंधा में ऐसे गुण होते हैं जो आँखों को मोतियाबिंद की समस्या से बचाने में मदद कर सकते हैं।

4. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

अश्वगंधा के गुण मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद करते है। अश्वगंधा याददाश्त को बेहतर रखने में लाभकारी है। एक रिसर्च के अनुसार, अश्वगंधा में स्मृति सुधार प्रभाव होने के साथ ही कॉग्निशन को बढ़ाने की क्षमता भी होती है। कॉग्निशन कुछ महत्वपूर्ण मानसिक प्रक्रियाओं का एक सामूहिक नाम है।

नार्मल भाषा में कहा जाए, तो अश्वगंधा विचारों, अनुभवों और इंद्रियों (Senses) के माध्यम से समझने की क्षमता से संबंधित  मानसिक क्रिया व प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में सहायता कर सकता है। अश्वगंधा में मौजूद विथनोलाइड्स कंपाउंड तंत्रिका विकास (Neurite outgrowth) में मदद कर सकता है।

5. बालों के लिए अश्वगंधा के फायदे

hair

अश्वगंधा के गुण बालों को स्वस्थ रखने और झड़ते बालों को रोकने के लिए फायदेमंद है। एनसीबीआई(ncbi) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, अश्वगंधा आनुवंशिक कारण (Non-classical Adrenal Hyperplasia) व थाइरायड के कारण झड़ रहे बालों को रोकने में मदद कर सकता है। अश्वगंधा बालों के मेलेनेन को भी बढ़ा सकता है, जिसकी वजह से बालों का रंग वैसा ही बना रहता है। ऐसा कहा जा सकता है कि अश्वगंधा के फायदे बालों के लिए भी शामिल है।

6. डैंड्रफ में फायदेमंद अश्वगंधा

Dandruff

कभी कभी डैंड्रफ स्ट्रेस और अच्छी नींद न आने की वजह से भी होने लगता है। दरअसल, ऐसा सेबोरेहिक (Seborrheic) डर्मेटाइटिस त्वचा विकार के दौरान हो सकता है। ऐसे में एंटी-स्ट्रेस गुण से भरपूर अश्वगंधा फायदेमंद हो सकता है। अश्वगंधा स्ट्रेस को खत्म करके डैंड्रफ को भी खत्म करता है। और साथ ही, अश्वगंधा में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी सेबोरेहिक (Seborrheic) डर्मेटाइटिस को ठीक करने में मदद कर सकता है।

7. समय से पहले बालों का सफेद होना

हमारे बालों में मेलेनिन पाया जाता है। जिसकी कमी के कारण बाल सफेद होने लगते है। मेलेनिन एक प्रकार का पिगमेंट होता है, जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद करता है। सभी लोग यही चाहते है कि उनके बाल समय से पहले बाल सफेद न हो। इस समस्या को भी अश्वगंधा ही सुलझा सकता है। औषधि गुणों से भरपूर अश्वगंधा हमारे बालों में मेलेनिन के उत्पाद को बढ़ाता है। अश्वगंधा का नियमित सेवन करने से समय से पहले बाल सफेद नहीं होंगे।

8. वजन कम करने में फायदेमंद अश्वगंधा

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अश्वगंधा वजन कम करने में भी फायदेमंद है। एनसीबीआई (NCBI) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार अश्वगंधा की जड़ के अर्क का सेवन करने से भूख और वजन में कमी पाई गई। रिसर्च में बताया गया है कि अश्वगंधा की जड़ का अर्क तनाव के मनोवैज्ञानिक लक्षणों में सुधार करने में मदद कर सकता है।

यह तनाव और चिंता को कम कर भोजन की तीव्र इच्छा में कमी लाकर वजन को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अभी इस संबंध में और रिसर्च की जरूरत है। ध्यान रखे कि वजन कम करने के लिए अश्वगंधा के साथ-साथ संतुलित भिजन और नियमित व्यायाम भी बहुत जरूरी है।

9. मांसपेशियांं को मजबूत बनाने में फायदेमंद अश्वगंधा

अश्वगंधा हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियोंं का भी मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। अश्वगंधा का सेवन मांसपेशियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। अश्वगंधा के सेवन से मांसपेशियां मजबूत होने के साथ ही दिमाग और मांसपेशियों के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है। यही कारण है कि अश्वगंधा के सप्लीमेंट्स जिम जाने वाले लोग और अखाड़े में अभ्यास करने वाले पहलवान भी लेते हैं। हालांकि, अभी इस पर और रिसर्च की जरूरत है।

10. हृदय रोग से बचाव के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

कार्डियोप्रोटेक्टिव प्रभाव अश्वगंधा में होता है, जो हृदय को फिट और हेल्दी रखने में मदद करता है। अश्वगंधा में मौजूद हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। एक रिसर्च में ऐसा कहा गया है कि इन गतिविधियों के अलावा एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-प्लेटलेट, एंटीहाइपरटेंसिव, हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव भी हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

11. कैंसर से बचाव में फायदेमंद अश्वगंधा

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव करने में भी अश्वगंधा के फायदे देखे जा सकते है। एनसीबीआई (ncbi) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक रिसर्च में कहा गया है कि एंटी-ट्यूमर एजेंट अश्वगंधा में होते हैं, जो ट्यूमर को पनपने से रोक सकते हैं। अश्वगंधा बतौर कैंसर के इलाज के रूप में उपयोग होने वाली कीमोथेरेपी के नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने में सहायता कर सकता है।

लेकिन ध्यान रखें कि अश्वगंधा सिर्फ कैंसर से बचाव के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है। अगर किसी को कैंसर है, तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टरी ट्रीटमेंट जरूर करवाना चाहिए।

12. डायबिटीज में फायदेमंद अश्वगंधा

अश्वगंधा के गुण डायबिटीज से भी बचाव कर सकते है। अश्वगंधा में उपस्थित हाइपोग्लाइमिक प्रभाव, ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते है। साल 2009 में डायबिटीज ग्रस्त चूहों पर की गई एक रिसर्च के मुताबिक कुछ दिनों बाद चूहों पर अश्वगंधा का सकारात्मक परिवर्तन नजर आया। इसीलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि अश्वगंधा डायबिटीज से बचाव में उपयोगी हो सकता है।

13. अनिद्रा के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

sleep

बहुत से लोग जो अनिद्रा के शिकार है, वो डॉक्टर की सलाह पर अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। साल 2017 में जापान में की गई एक रिसर्च के अनुसार, ट्राएथिलीन ग्लाइकोल नामक यौगिक अश्वगंंधा के पत्तों में होता है, जो गहरी नींद सोने में मदद कर सकता है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है, कि अनिद्रा के शिकार लोगों के नींद की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

14. घाव भरने में फायदेमंद अश्वगंधा

घावों को भरने में भी अश्वगंधा के फायदे देखे जा सकते है। वैसे तो अश्वगंधा सीधे तौर पर घाव भरने में तो मदद नहीं कर सकता, लेकिन घाव में बैक्टीरिया को पनपने से रोक जरूर सकता है। अश्वगंधा में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव घाव में पनपने वाले जीवाणुओं को खत्म करके इंफेक्शन के खतरे को रोकता हैं।

ऐसे में घाव जल्दी ठीक होने लगता है। घाव में अश्वगंधा का पेस्ट या फिर तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे, यदि घाव ज्यादा गहरा हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सिर्फ अश्वगंधा पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है।

15. स्किन इंफ्लेमेशन के लिए फायदेमंद अश्वगंधा

एंटीइंफ्लेमेटरी नाम का गुण अश्वगंधा में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता हैं। जो त्वचा में आई सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। त्वचा में इंफेक्शन स्टैफिलोकोकस ऑरियस बैक्टिरिया के कारण होता है, जिसके इंफेक्शन की वजह से चेहरे में सूजन हो सकती है। अश्वगंधा में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण इस इंफेक्शन को बेअसर कर त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करता है। त्वचा में सूजन वाली जगह पर अश्वगंधा पेस्ट को लगाया जा सकता है।

16. बढती उम्र के लक्षणों को न दिखने दें

अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में एंटीओक्सीडैन्ट्स पाए जाते हैं। जो धूप की हानिकारक किरणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। अश्वगंधा त्वचा के कैंसर से भी बचाता है। इसके लिए आप एक ऐसा फेसपैक बना सकते हैं जो आपकी त्वचा को एंटी – एजिंग लाभ देता हो। इसे बनाने के लिए अश्वगंधा के चूर्ण में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा लें उसके बाद चेहरे को साफ पानी से धो लें।

अश्वगंधा का उपयोग – Uses Of Ashwagandha in Hindi

Benefits Of Ashwagandha In Hindi

यदि आपके मन में भी ये सवाल आ रहा है, कि अश्वगंधा का उपयोग कैसे करें? तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि डॉक्टर उस व्यक्ति की परेशानी और जरूरत के हिसाब से अश्वगंधा का उपयोग करने की सलाह देंगे। अश्वगंधा के फायदे और नुकसान दोनों ही होते है। तो डॉक्टर अश्वगंधा को उपयोग करने का तरीका अच्छे से बता सकते है। इसलिए डॉक्टर के पास अवश्य जाएं।

अश्वगंधा लेने से पहले की बरतें ये सावधानियां

पहली बार अश्वगंधा का सेवन करने से पहले इससे जुड़ी कुछ सावधानियों को जानना बहुत जरूरी है।

  1. अश्वगंधा का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है।
  2. अश्वगंधा का सेवन लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। किसी विशेषज्ञ(Expert) से सलाह लेकर ही इसका सेवन शुरू करना चाहिए।
  3. जिन लोगों को आंत संबंधी समस्या हो, उन लोगों को इसके सेवन से बचाने की सलाह दी जाती है।

कहां से खरीदें अश्वगंधा?

अश्वगंधा को लोकल मार्केट से खरीदा जा सकता है। यह आयुर्वेदिक स्टोर से आसानी से खरीदा जा सकता है। आजकल बड़े-बड़े ग्रॉसरी स्टोर भी अश्वगंधा के पाउडर व इसकी जड़ों के पैकेट रखते हैं। इसके अलावा, अश्वगंधा को ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

अश्वगंधा के नुकसान –Side Effect of Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा के फायदे के साथ ही इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आप तो जानते ही है कि किसी भी चीज की अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है। वैसे ही अश्वगंधा की अधिक मात्रा शरीर को नुकसान पहुंचता है। तो चलिए जानते है कि कौन से नुकसान पहुंचाता है।

  • अश्वगंधा को अधिक मात्रा में लेने से डायरिया भी हो सकता है।
  • अश्वगंधा की ज्यादा मात्रा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी, दस्त और उल्टी का कारण बन सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान अश्वगंधा का सेवन करने से नुकसान हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि अश्वगंधा की अधिक मात्रा गर्भपात का कारण बन सकती है।
  • यदि आप किसी प्रकार की दवाइयां ले रहे हैं तो अश्वगंधा का सेवन करने से बचें।
  • अश्वगंधा में इम्युनिटी बढ़ाने की क्षमता होती है इसलिए एड्स, एचआईवी आदि बिमारियों वाले रोगियों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए।

उम्मीद करते है कि आपको अश्वगंधा के फायदे नुकसान और उपयोग करने का तरीका समझ में आ गया होगा। अश्वगंधा की मात्रा व कितने समय तक लेना है यह किसी विशेषज्ञ से पूछ कर ही अश्वगंधा का सेवन शुरू करें। ये जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि उन्हे भी ये जानकारी मिल सके और ऐसी ही जानकारी के लिए जुड़े रहे हिन्दीहेल्थगाइड (HindiHealthGuide) से।

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