शीर्षासन करने का तरीका और फायदे – Headstand Benefits

Headstand Benefits

शीर्षासन योगासन या हैडस्टैंड पोज़ अपने अनेक स्वास्थ्य लाभों (Headstand Benefits) के लिए जाना जाता है। अनेकों फायदों के कारण ही  इसे आसनों का राजा भी कहा जाता है। इसका रेगुलर अभ्यास करने से शरीर के प्रत्येक अंग को फायदा मिलता है,

और यह आपको शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर स्वस्थ बनाने में मदद करता है। लेकिन इस आसन का अभ्यास करना इतना आसान नहीं है। शीर्षासन को सही तरह से परफॉर्म करने के लिए और इसके लाभ लेने के लिए आपको इसकी रेगुलर प्रैक्टिस की जरूरत होगी। हालांकि अगर एक बार आप इसका अभ्यास करना सीख लेते हैं तो आप खुद को फिट रख सकते हैं। 

शीर्षासन क्या है? – What is Sirsasana (Headstand Pose)

शीर्षासन संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है, शीर्ष यानी सिर और आसन यानी मुद्रा। इस योगासन का मतलब होता है, सिर के बल योग करना। इस आसन को सबसे कठिन माना गया है। संभवत: यही कारण है कि इसे सभी आसनों के शीर्ष पर रखा गया है। इस कारण से भी इसे शीर्षासन कहा जाता है।

इस आसन को करते समय शरीर पूरी तरह विपरीत स्थिति में होता है यानी सिर के बल खड़ा होने का प्रयास किया जाता है। शीर्षासन मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे याददाश्त को मजबूत करने और दिमाग की कार्य क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

शीर्षासन करने के 10 फायदे – Headstand Benefits

Headstand Benefits

1. तनाव दूर करने में फायदेमंद

हेडस्टैंड करते वक्त अधिक फोकस की जरूरत होती है। इसमें आपका पूरा ध्यान सिर और शरीर का संतुलन  बनाने में होता है। यह आसन तनाव और चिंता से राहत दिलाने में मदद करता है। इसका नियमित अभ्यास करने से सिर की ओर रक्त का संचार बढ़ता है जिससे सिर की नर्व्स और सेल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है। इसके अलावा यह आसन एड्रिनैलिन ग्रंथियां, जो ‘तनाव हार्मोन’ के उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं, इन्हें कम सक्रिय बनाता है जिससे तनाव से राहत मिलती है और दिमाग शांत रहता है।

2. पाचन के लिए फायदेमंद

पेट को ठीक रखने के लिए पाचन तंत्र का अच्छे से काम करना जरूरी है। ऐसे में पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए शीर्षासन का सहारा लिया जा सकता है। इस आसन के जरिए होने वाली शारीरिक गतिविधि आहार को पचाने में मदद कर सकती है। शीर्षासन करने से शरीर में खून का प्रवाह बेहतर होता है, जिसका असर पाचन तंत्र भी नजर आ सकता है। इस प्रकार शीर्षासन के फायदे में बेहतर पाचन तंत्र भी शामिल है।

3. बाल के लिए फायदेमंद

अगर शीर्षासन को नियमित रूप से बहुत दिनों तक किया जाए, तो बाल के झड़ने को रोका जा सकता है। इस आसन के अभ्यास से ब्रेन वाले हिस्से में खून का प्रवाह बहुत आसान हो जाता है। यह खोपड़ी को भी मजबूत एवं स्वस्थ बनाता है, जिसके कारण बाल से संबंधित परेशानियां जैसे बाल का झड़ना, बाल का सफेद होना, डेंड्रफ इत्यादि से आप को छुटकारा दिलाता है। यह बाल को घने और लंबे करने में भी सहायक है।

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4. कंधों और बाजुओ के लिए फायदेमंद

जब आप इस आसन का अभ्यास करते हैं तब इसमें आपकी फोरआर्म्स और शोलडर्स का अधिक इस्तेमाल होता है। इस दौरान आपके कंधे और बांहों पर काफी दबाव रहता है ताकि सिर और गर्दन पर दबाव ना पड़े। यह कंधे और बाजू की मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बनाने में मदद करेगा और स्टेमिना में सुधार करता है।

5. ब्रेन के लिए फायदेमंद

शीर्षासन ब्रेन के लिए निहायत ही एक उम्दा योगाभ्यास है। इस आसन से ब्रेन की करोड़ों कोशिकाओं में एक नई जान आ जाती है, क्योंकि हर कोशिका में रक्त का सही प्रवाह के साथ साथ उपयुक्त पोषण एवं खनिज लवण मिलता है। 

6. डिप्रेशन (अवसाद) में फायदेमंद

योग के माध्यम से मूड में सुधार किया जा सकता है। जैसा कि लेख में ऊपर बताया गया है कि शीर्षासन करने पर मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ सकता है। इससे डिप्रेशन से निकलने में मदद मिल सकती है। इसलिए, योग को अवसाद के लिए अच्छा इलाज माना जा सकता है।

7. चेहरे के लिए फायदेमंद

नियमित शीर्षासन करने से चेहरे पर भी चमक आती हैं क्योंकि शीर्षासन से चेहरे तक खून सही तरीके से पहुंचता हैं चेहरे पर खून का बहाव तेज होने से चेहरे पर लालिमा आने लगती हैं, मुरझाया चेहरा खिलखिला उठता हैं, चेहरे की झुर्रियां (Face Pigmentation) बिना दवाई के ठीक होने लगती हैं और चेहरे पर पिम्पल (Pimple) की समस्या भी नहीं होती।

8. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद

हड्डियों को मजबूत बनाने में हेडस्टैंड भी मददगार है। जो लोग नियमित रूप से आसन करते हैं उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) होने की संभावना कम होती है। यह एक हड्डियों का ऐसा रोग होता है जिसमे फ़्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन Shirshasana के द्वारा इस खतरे को कम किया जा सकता है। इसके नियमित अभ्यास से अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस जैसे बीमारी को टाला जा सकता है।

9. बॉडी के संतुलन में फायदेमंद

शीर्षासन मांसपेशियों में ताकत बढ़ाने के साथ-साथ शरीर में संतुलन बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे एक ही मुद्रा में लबे समय तक रहने में मदद मिलती है जो शरीर की संतुलन की क्षमता को बढ़ाता है। बिना किसी हलचल के लंबे समय तक एक ही अवस्था में योगासन करने से शरीर के संतुलन में बढ़ोतरी होती है और मस्तिष्क भी संतुलित रहता है।

10. एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाने में फायदेमंद

शीर्षासन करने पर, दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ जाती है। इससे ब्रेन के फंक्शन में सुधार होता है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है और यह आपके दिमाग को तेज और क्लियर रखता है। चूंकि दिमाग सभी मानसिक और शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है, इसलिए आपका शरीर भी बेहतर काम करता है। 

शीर्षासन योग मुद्रा करने का तरीका – Steps to Do Sirsasana

Headstand Benefits
  • शीर्षासन को करने के लिए सबसे पहले चटाई बिछाकर वज्रासन की अवस्था में आ जाएं।
  • फिर दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक करते हुए, आगे की तरफ झुककर हाथों को जमीन पर रखें।
  • अब सिर को झुकाकर हाथों के बीच में रखते हुए जमीन से सटाएं।
  • फिर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और सीधे कर लें।
  • इस स्थिति में सिर के बल शरीर पूरी तरह सीधा होना चाहिए।
  • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में बने रहे और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को नीचे करें और धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • शुरुआत में इस आसन को दो से तीन बार तक करें।

शुरुआती लोगों के लिए शीर्षासन करने के टिप्स

जो लोग पहली बार इस आसन को कर रहे हैं, उनके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे लोगों के लिए हम कुछ काम की बातें बता रहे हैं।

  • इस आसन को पहली बार कर रहे हैं, तो विशेषज्ञ की निगरानी में करें।
  • इस आसान की शुरुआत में संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, दीवार का सहारा लेना बेहतर होगा।
  • इस आसन को सुबह खली पेट करना उचित होगा।
  • शरीर का पूरा भार सिर्फ सिर पर न डालें, बल्कि बाहों और कंधों पर भी रखें।
  • इस प्रक्रिया से पहली वाली मुद्रा में धीरे से आएं। ध्यान रहे गले में झटका न लगे।
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शीर्षासन कितनी देर तक करें – Shirsasana kitne samay tak karna chahiye

शीर्षासन के अभ्यास की अवधि हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। शुरूआत में करीब 30 सेकेंड तक शीर्षासन का अभ्यास करना चाहिए। लेकिन सामान्य रूप से 1 मिनट से 5 मिनट तक शीर्षासन का अभ्यास किया जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति कई वर्षों से लगातार शीर्षासन का अभ्यास कर रहा हो तो वह 30 मिनट तक शीर्षासन का अभ्यास कर सकता है। शुरूआत में जो लोग 30 सेकेंड इस आसन का अभ्यास करते हैं वे कुछ दिनों बाद इस आसन के अभ्यास की अवधि (duration) बढ़ाकर 5 मिनट कर सकते हैं।

शीर्षासन योग के लिए कुछ सावधानियां – Precautions for Sirsasana

Headstand Benefits
  • यदि आपको उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सेरेब्रल या कोरोनरी थ्रॉम्बोसिस एवं ग्लूकोमा (glaucoma) की समस्या है तो शीर्षासन का अभ्यास न करें।
  • सिर में ब्लड हेमरेज की समस्या, किडनी का रोग और स्लिप डिस्क की समस्या हो तो इस आसन का अभ्यास (practice) करने से बचें।
  • यदि आपका पेट पूरी तरह से भरा (full stomach) हो, शरीर में थकान हो, सिर दर्द या माइग्रेन की समस्या हो  तो इस आसन का अभ्यास न करें।
  • शीर्षासन  का अंतिम मुद्रा में शरीर को उर्ध्वाधर रखें और पीछे या आगे की ओर न झुकाएं अन्यथा शरीर का बैलेंस बिगड़ सकता है और आपको चोट भी लग सकती है।
  • यदि आपके शरीर में अशुद्ध खून (impure blood) हो तो इस आसन का अभ्यास न करें अन्यथा अशुद्धियां मस्तिष्क में भी पहुंच सकती हैं।
  • महिलाओं को मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपको चक्कर आ रहा हो, सिर में चोट लगी हो या तेज सिर दर्द हो रहा हो तो शीर्षासन का अभ्यास न करें।
  • यदि गर्दन में चोट लगी हो तो शीर्षासन का अभ्यास न करें। इसके अलावा हार्निया (hernia), हाइपरटेंशन और मोटापे की समस्या (obesity) से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

शीर्षासन करने के चमत्कारी लाभ तो आप इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद जान ही गए होंगे। इसलिए, आप बिना देरी किए आज से ही इसे करने का अभ्यास शुरू कर दें। साथ ही ध्यान रखें कि इसे प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में ही करें, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। साथ ही योग करने का लाभ तभी मिलेगा, जब आप इसे नियमित रूप से करेंगे। उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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