पुदीना के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण – Benefits of Mint

Benefits of Mint

पुदीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। यह इसलिए भी काफी खास है, क्योंकि अनेक औषधीय गुणों से भरा पुदीना बाजार में आसानी से उपलब्ध भी है और महंगा भी नहीं होता है। गुण तो इसमें इतने हैं कि इससे न सिर्फ रोग दूर रहते हैं, बल्कि त्वचा की देखभाल में भी काफी मदद मिलती है।

पुदीना का वैज्ञानिक नाम मेंथा है। पुदीना की वैज्ञानिक तौर पर 24 से ज्यादा नस्लें और 100 से अधिक प्रजातियों होती हैं। इसे सैकड़ों वर्षों से औषधीय गुणों के कारण नियमित दिनचर्या में लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। बाज़ार में मिंट की कई दवाएं और उत्पाद तो उपलब्ध हैं ही,

इसकी कैंडीज, मंजन, इनहेलर, चाय के अलावा और भी कई रूपों में यह मौजूद है। आइए जानते हैं, पुदीना के अनेकों फायदे (Benefits of Mint), साथ ही इसके सेवन से जुड़ी जानकारियों के बारे में भी।

पुदीना क्‍या है? – What is Mint (Pudina)

यह मिंट परिवार से संबंधित एक खुशबूदार पौधा है। भारत समेत विश्व के कई देशों में इसकी खेती की जाती है। इसका उपयोग हर्बल चाय से लेकर एसेंशियल ऑयल बनाने में भी किया जाता है। औषधीय गुणों के कारण इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी प्रभावी माना जाता है।

टफ्ट्स यूनिवर्सिटी (बोस्टन) द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि पुदीना में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीवायरस, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीट्यूमर के साथ ही एंटी-एलर्जेनिक गुण पाए जाते हैं, जो संयुक्त रूप से शरीर को लाभ पहुंचाने का काम कर सकते हैं। नीचे इसके फायदों को विस्तारपूर्वक समझाया गया है।

पुदीना के पत्ते के फायदे – Benefits of Mint (Pudina)

1. याददाश्त को बढ़ाने में फायदेमंद

brain

कई विशेषज्ञों ने माना है कि पुदीने से बने च्वइंग गम का सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। दरअसल, इस तरह के च्वइंग गम में प्रमुख तत्त्व पुदीने के औषधीय गुण ही होते हैं, जिसकी वजह से स्मरण शक्ति पर सकारात्मक असर पड़ता है।

पेपरमिंट चाय याददाश्त और याददाश्त की गति बढ़ाने में सहयोग कर सकती है। इस आधार पर माना जा सकता है कि पुदीने की चाय का सेवन याददाश्त को बढ़ाने में लाभदायक हो सकता है।

2. सिरदर्द की समस्या को दूर करने में फायदेमंद

सिरदर्द की समस्या रातों की नींद गायब कर सकती है। इस समस्या को दूर करने के लिए पुदीना मददगार साबित हो सकता है। रिसर्च जनरल ऑफ मेडिसिनल प्लांट के एक रिसर्च के अनुसार पुदीना (इसके रस या एसेंशियल ऑयल) को सिर पर कुछ देर लगाने से सिरदर्द में आराम मिल सकता है। इसके दर्दनिवारक गुण के पीछे इसमें मौजूद मेंथॉल का प्रभाव हो सकता है।

3. पाचन में फायदेमंद

Digestion

पुदीना पाचन प्रणाली को शक्तिशाली बनाने में काफी मदद करता है, जिससे कि पाचन के सभी कार्य ठीक से हो सकें। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि अगर पेट खराब हो तो पुदीने की चाय पीने से राहत मिलती है।

वर्षों से घरेलू नुस्खे के रूप में पुदीने की चाय हमें नानी-दादी पिलाती आ रही हैं, क्योंकि उससे पाचन तंत्र दुरुस्त होने में राहत मिलती है। पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की ज़्यादातर बीमारियों में आराम मिल जाता है।

4. सर्दियों में में फायदेमंद

जब भी आपको सर्दी लगती है तो आपकी मां की जबान पर सबसे पहले पुदीने का ही नाम आता है। इसकी वजह ये है कि पुदीना सर्दी दूर भगाने में बहुत अधिक लाभदायक है। इसकी तेज़ गंध बंद नाक पर तेज़ी से असर दिखा कर उसे खोलती है और आराम से श्वास लेने में मदद करती है।

यह कफ़ निकालने में मदद करता है। जब आप खांसी या सर्दी से पीड़ित होते हैं तो इसके एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेंट्री गुण सांस लेने संबंधी परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ सूजन को दूर करने में भी मदद करते हैं। खांसी में आराम के लिए पुदीने के पत्तों को या फिर उसके रस को गर्म पानी में डाल कर भाप लें।

पहले नाक से भाप में सांस लेकर फिर उसे वापिस छोड़ें। ऐसा कई बार करें। इससे गले और नाक दोनों की ही तकलीफ़ में राहत मिलती है। साथ ही पुदीने की चाय से भी इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

5. सांसों में ताजगी लाने में फायदेमंद

पुदीने के औषधीय गुण फेफड़ों में जमे बलगम, यानी कफ़ को शरीर से बाहर करने में बहुत मददगार होते हैं, इसलिए सांसों में ताजगी लाने के लिए मिंट के कई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। पुदीने को सुखा कर, कूट कर, कपड़े से छान कर बारीक चूर्ण बना लें।

इस चूर्ण का एक चम्मच दिन में दो बार सादे पानी के साथ लेने से सांसों से संबंधित परेशानियों से राहत मिलती है। इसके अलावा बहुत से टूथपेस्ट में भी पुदीने की पत्तियों का काफी इस्तेमाल होता है, क्योंकि यह ताजगी देती है। पुदीना मुंह में बैक्टेरिया को पूरी तरह से खत्म करने के अलावा दांतों और जीभ की गंदगी को भी दूर करता है, जिसके कारण सांसों में भी ताजगी बनी रहती है।

6.  वजन कम करने में फायदेमंद

reduce weight

जो लोग वज़न घटाना चाहते हैं, उनके लिए तो पुदीना रामबाण की तरह है। यह वजन घटाने में काफी सहायक होता है। पुदीना एक ऐसा पदार्थ है, जो कई तरह के पाचन एंजाइमों को प्रेरित करता है, जो खाने में मौजूद पोषक तत्त्वों को अवशोषित करने, यानी शरीर द्वारा इसके गुणों को आसानी से सोखने में बहुत सहायक होते हैं।

साथ ही अतिरिक्त वसा के रूप में जो चर्बी, यानी फैट पेट पर होता है, उसे ऊर्जा में बदल देते हैं। आप वज़न कम करने के लिए अपने नियमित आहार में पुदीना शामिल कर सकते हैं। डिटॉक्स वॉटर बनाने में भी पुदीना का जम कर इस्तेमाल होता है।

दरअसल, पुदीना, खीरा, नींबू, अदरक और पानी को मिला कर डिटॉक्स वॉटर बनाया जाता है, जिसका हर सुबह सेवन किया जाता है। इसके लिए रात में एक जग में पानी भर कर, इन सारी चीजों को उसमें मिला कर रख दिया जाता है। हर सुबह इसे पीना होता है। इससे वजन काफी कम होता है। यही नहीं, पुदीने की पत्तियों को पीस कर पीने से भी वज़न बहुत कम होता है।

इसे भी पढ़ें –

7. गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद

आमतौर पर जब महिलाएं प्रेगनेंट होती हैं तो उन्हें कई तरह की चीजों का सेवन निषेध होता है, लेकिन पुदीना ऐसी चीज है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी अच्छा होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह अच्छा उपाय इसलिए भी है,

क्योंकि यह पाचन के लिए आवश्यक एंजाइम को सक्रिय कर, सुबह में होने वाली परेशानी, यानी मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने में मदद करता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि पुदीने के कुचले पत्तों की महक भी गर्भवती महिलाओं के लिए जी मितलाने की समस्या में बहुत प्रभावकारी होती है। हालांकि स्तनपान कराने के दौरान इसका सेवन वर्जित होता है।

8. मतली की अवस्था में में फायदेमंद

बार-बार उल्टी आने की इच्छा ही मतली की समस्या है। यहां पुदीना के फायदे देखे जा सकते हैं। एक रिसर्च में पुदीना अरोमाथेरेपी का उल्टी और मतली की समस्या पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया। इस रिसर्च के आधार पर कहा जा सकता है कि मतली के साथ उल्टी की समस्या से आराम पाने के लिए पुदीना की अरोमाथेरेपी कारगर साबित हो सकती है। फिलहाल, मतली की समस्या को दूर करने वाले पुदीना के औषधीय गुण अभी शोध का विषय हैं।

9. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद

Immunity

पुदीने के पत्तों में कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन सी,डी, ई और विटामिन बी कॉम्पलेक्स की थोड़ी मात्रा होती है। माना जाता है कि ये सारी चीजें इम्युनिटी को बूस्ट करने, यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती हैं। इन सभी के कारण बीमारियों से शरीर का ज़्यादा से ज़्यादा बचाव होता है, उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है और शरीर संक्रमण और सूजन से भी सुरक्षित रहता है।

इसे भी पढे – How to boost Immunity System – इम्यूनिटी सिस्टम कैसे बढ़ाए

10. त्वचा की समस्या को दूर करने में फायदेमंद

बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से त्वचा संबंधी कई रोग हो सकते हैं, जिनमें खुजली और जलन की भी है। यहां पुदीना के एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के मददगार साबित हो सकते हैं। रिसर्च जनरल ऑफ मेडिसिनल प्लांट के अनुसार, पुदीना में पाया जाने वाला मेन्थॉल त्वचा संबंधी खुजली और जलन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है।

11. कैंसर में फायदेमंद

यह भी हैरानी वाली बात है, मगर सच है कि कैंसर से बचाने तक में पुदीना मदद करता है। इसमें अनेक ऐसे औषधीय गुण मौजूद हैं, जिनका असर कैंसर तक पर देखने को मिलता है। चूंकि पुदीने के पत्तों में विभिन्न प्रकार के एंजाइम होते हैं, जिनकी वजह से इस बीमारी को रोकने में पुदीने को मददगार पाया गया है।

पुदीना का उपयोग – How to Use Mint (Pudina)

Benefits of Mint

पुदीना के फायदे प्राप्त करने के लिए इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। नीचे जानिए इसे उपयोग में लाने के कुछ आम तरीके।

  • पुदीने की पत्तियों से चटनी बनाई जा सकती है।
  • पुदीने की पत्तियों को सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के लिए भी डाला जा सकता है।
  • पुदीने की चाय बनाई जा सकती है।
  • डॉक्टरी परामर्श पर पुदीने के रस को टॉनिक के रूप में भी लिया जाता है।

मात्रा: 1 छोटे चम्मच सूखे पुदीने के पत्तों से पेपरमिंट टी बनाई जा सकती है, जिसे रोजाना दो से तीन बार लिया जा सकता है। इसके सेवन की सही मात्रा के लिए अच्छा होगा कि आप एक बार डॉक्टर से संपर्क करें।

पुदीना के नुकसान – Side Effects of Mint (Pudina)

  • कई जड़ी-बूटियों की तरह, पुदीना का भी कुछ लोगों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है
  • यदि आपको गैस्ट्रोएफेजील रिफ्लक्स रोग (astroesophageal reflux disease) से संबंधित कई बीमारी हैं, तो पाचन समस्या को शांत करने के प्रयास में पुदीने का उपयोग न करें। यह लक्षणों को और खराब कर सकता है
  • पेपरमिंट ऑयल अगर बड़ी मात्रा में लिया जाता है, तो नुकसानदायक हो सकता है।
  • एक शिशु या छोटे बच्चे के चेहरे पर पेपरमिंट ऑयल न लगायें, क्योंकि यह श्वास को रोक सकता है।
  • पित्त की पथरी होने पर पुदीना उत्पादों के साथ सावधानी बरतें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब

1. कई लोग कहते हैं किपुदीने से उबकाई आने जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मुझे यह जानना है कि इसमें कितनी सच्चाई है?

Ans.— यह पूरी तरह से सच है। दरअसल पुदीना उबकाई और उल्टी को कम करने में सहायक होता है। यह पाचन क्रिया के लिए आवश्यक एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे उबकाई की परेशानी कम हो जाती है। इसके लिए पुदीने की चाय सबसे बढ़िया तरीका होती है। साथ ही इससे बनी कैंडी भी खाई जा सकती है। पुदीने के तेल की कुछ बूंदें रूमाल में रख कर सूंघने से भी इसमें आराम मिलता है।

2. अस्थमा की बीमारी में पुदीने का प्रयोग कैसे लाभ पहुंचाता है?

Ans.— पुदीना एलर्जी और अस्थमा से लड़ने में सहायक होता है। बलगम को बाहर निकाल कर अस्थमा से छुटकारा दिलाता है। यह एक अच्छा रिलैक्सेंट हैं और एलर्जी से राहत दिलाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे राहत मिलती है। इसके लिए पुदीने की चाय पीने की सलाह दी जाती है। साथ ही पुदीने के तेल में नारियल तेल मिक्स करके छाती, नाक और  गर्दन पर लगाने की सलाह भी दी जाती है।

3. बालों के विकास में पुदीना किस तरह लाभदायक होगा?

Ans.— पुदीना बालों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह बालों से तेल और रूसी को हटाता है। सिर की त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित रखता है। इसके लिए पुदीने के तेल में जैतून व नारियल के तेल को मिला कर सिर की हल्की मालिश करनी चाहिए। हफ्ते में दो बार इसे करने से बालों की लंबाई और खूबसूरती बढ़ेगी।

4. क्या सचमुच पुदीना खाने से हिचकीऔर हकलाहट की परेशानी खत्म हो जाती है?

Ans.— जी हां, हिचकी आने पर अगर पुदीने की पत्तियों को चूसा जाए या इसके रस के साथ शहद मिला कर लिया जाए तो लगातार आने वाली हिचकियां बंद हो जाती है। वहीं हकलाहट को दूर करने में भी यह सपोर्ट करती है। उसके लिए पुदीने की पत्तियों में काली मिर्च पीस कर,सुबह-शाम सेवन करने की सलाह दी जाती है।

5. हैज़ा, न्यूमोनिया जैसी बीमारियों में पुदीने के सेवन की सलाह क्यों दी जाती है?

Ans.—दरअसल, पुदीना इस बीमारी को भी भगाने में मदद करता है। हैज़ा में पुदीना, प्याज का रस और नींबू का रस समान मात्रा में मिला कर पीने से लाभ होता है। दस्त या हैज़ा हो तो आधा कप पुदीने का रस, हर घंटे के अंतराल पर पीने से राहत मिलती है। यही नहीं, पुदीने का ताजा रस शहद के साथ सेवन करने से बुखार दूर हो जाता है और न्यूमोनिया भी नहीं होता।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *