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दलिया खाने के 8 फायदे और नुकसान – Bulgur Wheat (Daliya) Benefits

Bulgur Wheat (Daliya) Benefits

दलिया एक पौष्टिक आहार होने के साथ ही ये हर रोगों के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए जब भी आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो डॉक्टर्स इसे खाने की सलाह देते है।

लेकिन बहुत लोगों को दलिया का स्वाद अच्छा नहीं लगता है। इसलिए आज इस आर्टिकल में जब दलिया के फायदे (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits) के बारे में बताएंगे।

तो आप भी दलिया खाने के दीवाने हो जाएंगे। आपको बता दें, दलिया का रोजाना सेवन करने से आप पुरे दिन तारोताजा बने रह सकते हैं। दलिया में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होता है।

दलिया में फाइबर के आलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, पोटैशियम आदि जैसे महत्वपूर्ण तत्व भी पाए जाते हैं। जिसकी वजह से आपका पाचनतंत्र बेहतर काम करता है।

फाइबर अधिक मात्रा में पाए जाने की वजह से शरीर का कोलेस्ट्रोल का लेवल भी मेंटेन रहता है। दलिया को आप सुबह के नाश्ते में या दोपहर के लंच में भी कर सकते है। दलिया को दूध के साथ या इसमें सब्जी भी डाल कर खा सकते है।

दलिया क्या है? – What is Bulgur Wheat

Bulgur Wheat (Daliya) Benefits

दलिया एक बहुत पौष्टिक आहार होता है, दलिया एक तरह का अनाज ही होता है। जो टूटे हुए अनाज के मिश्रण से बनता है। इन अनाज में मुख्य रूप से गेहूं, चावल, बाजरा, मकई व जई आदि शामिल है।

भारत में सामान्य रूप से लगभग सभी के घर गेंहू का दलिया पाया जाता हैं। यह कई पोषक तत्व से समृद्ध होता है, जैसे – विटामिन, मिनरल व आयरन। इसे ज्यादातर सुबह के नाश्ते में खाया जाता है,

क्योंकि सुबह इसका सेवन करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। और आप दिनभर तारोताजा रहते हैं। इसके सेवन से पाचन, कब्ज और हृदय स्वस्थ जैसी कई समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसके बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।

दलिया के फायदे – Bulgur Wheat (Daliya) Benefits

पौष्टिक आहार के रूप में दलिया एक बेहतर विकल्‍प है। जिसका सेवन आपको न केवल ऊर्जा दिलाता है बल्कि कई बीमारियों से भी बचाता है। आइए जाने दलिया खाने के फायदे क्‍या हैं।

1. वजन को कम करने के लिए – Bulgur Wheat (Daliya) Benefits for weight reducing

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आजकल यंग बच्चों के बीच वजन बढ़ने की प्रॉब्लम अधिक बढ़ रही हैं। वहीं दलिये को सुबह के वक्त खाने से शरीर को पूरा आहार मिलता है।

क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की सही मात्रा पाई जाती है जिससे वजन नहीं बढ़ता हैं और थोड़ा सा दलिया खाने से ही पेट भरा जाता हैं।

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2. हृदय स्वाथ्य में सुधार (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits)

आजकल हर कोई स्वस्थ रहना चाहता है और दलिये की मदद से ऐसा संभव है। दलिया फाइबर का अच्छा स्रोत होता है, जो हृदय के जोखिम से बचाए रखने में मदद कर सकता है।

वहीं, अगर किसी का हृदय संबंधी इलाज चल रहा है, तो दलिया इलाज के प्रभाव को बढ़ा सकता है। इसलिए दलिया के फायदे हृदय के लिए भी हो सकते हैं।

3. डायबिटीज में भी सुधार (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits)

दलिया और साबुत अनाज में मैग्नीशियम पाया जाता है और मैग्नीशियम कई तरह के एंजाइम बनाता है, जो इंसुलिन के बनाने में कारगर होते हैं।

और साथ ही ये ग्लूकोज को भी ब्लड तक पहुंचाते हैं। रोजाना दलिया खाने से डायबिटीज होने की परेशानी भी दूर होती हैं।

4. ब्लड शुगर में सुधार (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits)

दलिया का सेवन करने से ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है। दरअसल, दलिया रक्त में शुगर की मात्रा को कम और इंसुलिन के संचार की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

इससे मधुमेह की समस्या से बचने में सहायता मिल सकती है। साथ ही दलिया को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्टस की श्रेणी में रखा गया है, जिस कारण इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा माना गया है। जैसा की आप पढ़ चुके है।

5. हड्डियों मजबूत बनाने में (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits in strong bons)

आजकल अधिक लोगों में हड्डियां कमजोर होने की समस्या पाई जा रही हैं। लेकिन दलिये को रोजाना खाने से हड्डियों में मजबूती आती हैं। क्योंकि दलिये में मैग्नीशियम और कैल्शियम अधिक मात्रा में होते हैं।

दलिया रोजाना खाने वालों को उम्र बढ़ने पर भी घुटनों में दर्द नहीं होता हैं। इसके साथ ही दलिया के सेवन से पथरी की परेशानी भी दूर होती हैं।

6. हीमोग्लोबिन बढ़ाने में (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits in increase Hemoglobin )

शरीर में आयरन की मात्रा थोड़ी होने से इसका असर हीमोग्लोबिन पर पड़ता है और हीमोग्लोबिन की कमी शरीर में हो जाती हैं। हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर में कमजोरी और थकान आती हैं।

लेकिन दलिये में आयरन की मात्रा काफी होती है, जो बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा को सही कर देता हैं। और ये शरीर के टेंपरेचर सहित मेटाबॉलिज्म को भी सही रखता हैं। इसलिए दलिये हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाने मे मदद करता हैं।

7.  कब्ज के लिए (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits)

अगर आपको कब्ज की शिकायत है तो आप आज से ही दलिया से बने हुए व्यंजन खाना शुरू कर दें। क्योंकि दलिया आपके पुराने से पुराने कब्ज को सही कर देता हैं। जिसके कारण आपका पेट सुबह टॉयलेट जाने के बाद तुरंत साफ हो जाता हैं।

8. एक पौष्ट‍िक भोजन है। (Bulgur Wheat (Daliya) Benefits)

Bulgur Wheat (Daliya) Benefits

दलिया एक प्रकार का पौष्ट‍िक भोजन है जो पोषण की सभी जरूरतों को पूरा करता है और अगर आपको ज्यादा खाना खाना पसंद नहीं है, तो आप दलिया का सेवन कर शरीर को सभी जरूरी तत्व दे सकते हैं।

दलिया के पौष्टिक तत्व – Bulgur Wheat Nutritional Value

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 G
पानी77.76 g
ऊर्जा83 kcal
प्रोटीन3.08 g
टोटल लिपिड (फैट)0.24 g
कार्बोहाइड्रेट18.58 g
फाइबर4.5 g
शुगर, टोटल0.1 g
मिनरल्स
कैल्शियम ,Ca10 gm
आयरन ,Fe0.96 mg
मैग्नीशियम , Mg 32 mg
फास्फोरस ,P40 mg
पोटैशियम ,K68 mg
सोडियम ,Na5 mg
जिंक ,Zn0.57 mg
विटामिन्स
विटामिन सी , टोटल एस्कॉर्बिक एसिड0 mg
थाइमिन0.057 mg
राइबोफ्लेविन0.028 mg
नियासिन1 mg
विटामिन बी -60.083 mg
फोलेट DFE18 µg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफ़ेरॉल)0.01 mg
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.042 g
मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड0.031 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.098 g

दलिया का उपयोग – How to Use Bulgur Wheat

दलिया से कोई एक नहीं, बल्कि कई प्रकार के व्यंजन (Dishes) बनाए जा सकते हैं। ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

दलिया कैसे खाएं
  • आप दलिया को विभिन्न तरीकों से खा सकते हैं। लेकिन सबसे अच्छा तरीका आप दलिया को दूध और शक्कर में मिलाकर इसकी खीर बनाकर खाए यह आपके लिए सुबह का एक बेहतरीन नाश्ता बन सकता है जो आपके पूरे शरीर को पोषण प्रदान करेगा।
  • दलिया को फलाफल बनाकर खाया जा सकता है।
  • दलिया को कई ड्राई फ्रूट और बीन्स में मिलाकर सलाद की तरह खाया जा सकता है।
  • दलिया को सूप में मिलाकर लिया जा सकता है।
  • कई आहार में इसे ऊपर से गार्निश करके खाया जा सकता है।
  • दलिया में दूध और शक्कर डालकर भी खाया जा सकता है।
दलिया कब खाएं ?
  • इसे सुबह (morning) ड्राई फ्रूट (Dry Fruits) और बिन्स (Bins) के साथ पका कर खाया जा सकता है।
  • शाम (Evening) को दलिया को सूप में मिलकर लिया जा सकता है।
  • दोपहर(Noon) या रात (Night) के आहार में इसे गार्निश करके खाया जा सकता है।
दलिया कितनी मात्रा में खाएं ?

रोजाना 90 से 230 ग्राम दलिया का सेवन किया जा सकता है। फिर भी इसका सेवन से पहले आहार विशेषज्ञ से इसकी उचित मात्रा के बारे में पूछा जा सकता है।

दलिया के नुकसान – Side Effects of Bulgur Wheat

जिस तरह दलिया खाने के फायदे हो सकते हैं, उसी तरह इसके सेवन से कुछ दुष्प्रभाव होने की आशंका भी रहती है, जो इस प्रकार है

  • आपको अधिक दलिए का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि आपको इसके ज्यादा सेवन से उल्टी, सूजन, दस्त और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती है, क्योंकि इसमें कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है।

दलिया खाने से जुड़े सवाल –

Q. रात में दलिया खाने के फायदे क्या है?

कई लोग रात को भी दलिया खाना पसंद करते हैं। रात में दलिया खाने के फायदे भी हैं और रात में इसे खाने से कब्ज नहीं होती है और ना ही पेट भारी होती है। इसलिए आप रात को भी दलिया कहा सकते है।

Q. दलिया खाने से वजन बढ़ता है?

बहुत से लोगों के मन में यह भी सवाल आता है कि क्या दलिया खाने से वजन बढ़ता है? इसका जवाब है नहीं, दलिया खाने से वजन पर असर नहीं पड़ता है। बल्कि दलिया खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर मोटा नहीं होता है।

Q. मीठा दलिया खाने के फायदे क्या है?

बहुत लोगों को मीठा दलिया पसंद होता है। मीठा दलिया खाने से भी शरीर को लाभ मिलता है और शरीर में ताकत आती है। लेकिन जिन लोगों को शुगर की बीमारी हो, वो लोग मीठा दलिया खाने की जगह नमक वाला दलिया ही खाएं। और डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

Q. जौ का दलिया खाने के फायदे क्या है?

दलिया कई चीजों से बनाया जाता है। बहुत लोग जौ का दलिया खाते हैं। जौ का दलिया खाने से पेट हेल्थी रहता है। दलिया खाने का समय बताया जाए। तो इसे सुबह के समय ही खाएं।

Q. गेहूं से दलिया बनाने की विधि

गेंहू का दलिया बनाने की विधि सरल है। गेहूं को लेकर साफ कर लें। और उसे धूप में सूखा लें। जब ये सूख जाए, तो इसे पीस लें। (आपको इसे आटे की तरह नहीं पीसना है।

आप चाहे तो दलिया को बाजार से भी खरीद सकते है।) अब आप गैस पर घी गर्म होने के लिए रख दें। और इस घी में पीसी हुई गेहूं को डाल दें और इसे भून लें।

जब ये सुनहारे रंग की हो जाए, तो इसमें दूध डाल दें। और 10 मिनट कर इसे पकने दें। फिर चीनी डाल दें। गेंहू का दलिया बनकर तैयार है।

नमकीन दलिया बनाने की विधि भी इसी प्रकार की है, उसमें आप बस दूध की जगह पानी डालें, और चीनी की जगह नमक। नमकीन दलिया बनाकर तैयार हो जाएगा।

Q. दलिया खाने से गैस बनती है क्या ?

जी नहीं, दलिया खाने से गैस की समस्या नहीं होती है।

Q. प्रेगनेंसी में दलिया खाने के फायदे

प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में ही दलिया का सेवन करना उत्तम माना जाता है।

Q. दलिये की तासीर कैसी होती हैं ?

कुछ लोग यहीं सोचते हैं कि दलिये की तासीर ठंडी होती है या गर्म (daliya ki taseer thandi hoti hai ya garam)। इसका सही उत्तर है कि दलिये की तासीर गर्म होती है। इसी वजह से सर्दी में दलिये का अधिक सेवन करने की  सलाह दी जाती है ताकि शरीर दलिया खाने से गर्म रहे।

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