चमकती त्वचा के लिए 5 प्राणायाम – Pranayama For Glowing Skin in Hindi

Pranayama For Glowing Skin in Hindi

शरीर को फिट और हेल्दी बनाए रखने में प्राणायाम का बहुत अहम रोल होता है। और ग्लोइंग स्किन तो हर कोई पाना चाहता है। उसके लिए लोग नई नई क्रीम और बहुत चीजों का इस्तेमाल करते है। और कभी कभी उनके नुकसान भी झेलते है।

लेकिन आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लाएं है कुछ कारगर प्राणायाम जो आपकी त्वचा को चमकदार बनाने में मदद कर सकते है। और इससे जुड़ी कई समस्याओं को दूर रखने में भी मदद करते है। और आज हम उन्ही प्राणायाम के बारे में बात करेंगे,

कि प्राणायाम कैसे करते है और प्राणायाम के फायदे क्या है? तो आइए जानते है, त्वचा को चमकदार बनाने वाले प्राणायाम के (Pranayama For Glowing Skin in Hindi) बारे में।

ग्लोइंग स्किन के लिए प्राणायाम – Pranayama For Glowing Skin in Hindi

प्राणायाम के नियमित अभ्यास से त्वचा को चमकदार बनाया जा सकता है। त्वचा को चमकदार बनाने वाले प्राणायाम कुछ इस प्रकार है:

1. अनुलोम विलोम

Anulom Vilom Benefits in Hindi

अनुलोम विलोम कैसे है फायदेमंद

अनुलोम विलोम प्राणायाम त्वचा को चमकदार बनाने में मदद कर सकता है। अनुलोम विलोम करने से शरीर में उचित मात्रा में ऑक्सीजन की पूर्ति के साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। साथ ही इस प्राणायाम से खून में मौजूद विषाक्त पदार्थों को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है।

और यह प्राणायाम तनाव , चिंता व अवसाद को कम करता है। और दिमाग को ऐक्टिव रखने में भी मदद करता है। और जब शरीर से सभी टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं, तो चेहरे पर एक प्राकृतिक (Natural) चमक आती है।

अनुलोम विलोम कैसे करें :

  • अनुलोम विलोम करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पद्मासन या सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • उसके बाद अपनी कमर सीधी रखें और दोनों आंखें बंद कर लें।
  • अब लंबी और गहरी सांस लें और धीरे से छोड़े। उसके बाद खुद को एकाग्र करने की कोशिश करें।
  • फिर अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से धीरे-धीरे गहरी सांस लें। सांस लेने के दौरान ज्यादा जोर न लगाएं, जितना हो सके उतनी गहरी सांस लें।
  • अब दाहिने हाथ की मध्य अंगुली से बाईं नासिका को बंद करें और दाई नासिका से अंगूठे को हटाते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • फिर कुछ सेकंड आराम कर दाईं नासिका से गहरी सांस लें।
  • फिर दाएं अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से दाएं हाथ की मध्य अंगुली (बीच कि अंगुली) को हटाकर धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • इस तरह अनुलोम विलोम प्राणायाम का एक चक्र पूरा हो जाएगा।

प्राणायाम करने से पहले बरतें ये सावधानी :

इन बातों का जरूर ध्यान रखें :

  • रक्तचाप की समस्या वाले व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को भी डॉक्टर से सलाह लेकर ही अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।
  • यदि किसी को गंभीर ह्रदय रोग की समस्या है, तो उसे भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।
  • अनुलोम -विलोम प्राणायाम को हमेशा खाली पेट ही करना चाहिए। यदि कोई खाना खा चुका है, तो ऐसे में खाना – खाने के 4 से 5 घंटे बाद ही इस प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

2. कपालभाति

Benefits of Kapalbhati Pranayama in Hindi

कपालभाति कैसे है फायदेमंद

कपालभाति प्राणायाम के फायदे त्वचा को चमकदार बनाने में भी शामिल है। एक शोध के अनुसार, कपालभाति शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें कपाल का अर्थ है ‘माथा’ और भाति का मतलब है ‘चमक’।

कपालभाति प्राणायाम पूरे श्वसन प्रणाली को शुद्ध करने में मदद कर सकता है। और साथ ही, कपालभाति प्राणायाम त्वचा पर चमक लाने में भी फायदेमंद हो सकता है। अभी इस संबंध में और शोध कि जरूरत है।

कपालभाति कैसे करें :

  • कपालभाति को करने के लिए सबसे पहले एक शांत जगह पर योगा मैट बिछा लें।
  • उसके बाद पद्मासन की मुद्रा, सुखासन या वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • फिर अपनी कमर को सीधा रखते हुए आंखें बंद करें और उंगलियों को ज्ञान मुद्रा में रख लें।
  • उसके बाद मन को शांत करने की कोशिश करें।
  • और उसके बाद गहरी और लंबी सांस लें।
  • फिर पेट को अंदर खींचते हुए नाक से सांस को झटके से बाहर निकालें।
  • ऐसा 15 से 20 बार लगातार करते रहें।
  • इस प्राणायाम के दौरान मुंह को बंद ही रखें। सिर्फ नाक से ही सांस लेनी है और छोड़नी है।
  • इस प्राणायाम का एक चक्र 15 से 20 बार करने पर पूरा होता है।

प्राणायाम करने से पहले बरतें ये सावधानी :

प्राणायाम करने इन बातों का जरूर ध्यान रखें :

  • नाक से खून आने की स्थिति में इस प्राणायाम को बचने से बचे।
  • यदि किसी को हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी रोग है, तो कपालभाति प्राणायाम धीमी गति से करना चाहिए।
  • कपालभाति प्राणायाम गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए।

3. सूर्यभेदी प्राणायाम

Surya Bhedi Pranayam

सूर्यभेदी प्राणायाम कैसे है फायदेमंद :

सूर्यभेदी प्राणायाम ग्लोइंग स्किन के लिए एक बहुत अच्छा प्राणायाम साबित हो सकता है। यह प्राणायाम भी सांस से जुड़ा ही प्राणायाम है, जिसमें नासिका की मदद से सांस को भरा और छोड़ा जाता है। चमकती त्वचा के लिए सूर्यभेदी प्राणायाम फायदेमंद साबित हो सकता है।

सूर्यभेदी प्राणायाम कैसे करें :

  • सूर्यभेदी प्राणायाम करने के लिए एक आरामदायक आसन (पद्मासन या सुखासन) में सिर और कमर को सीधा रखते हुए योग मैट (चटाई) पर बैठ जाएं।
  • अब अपने हाथों को घुटनों पर ध्यान मुद्रा में रखें और आंखों को बंद करें।
  • फिर दाएं हाथ की छोटी अंगुली से पास वाली अंगुली से बाईं नासिका को बंद करें, और दाईं नासिका से धीरे-धीरे सांस लें। सांस लेते वक्त इसकी आवाज भी नहीं आनि चाहिए।
  • उसके बाद ठोड़ी को नीचे करें और सीने का स्पर्श कराकर थोड़ा दबाव बनाएं और कुछ देर सांस को रोके रखें। इसे कुम्भक लगाना कहते हैं, जिसे धीरे-धीरे क्षमतानुसार बढ़ा सकते हैं।
  • उसके बाद कुम्भक से पहली वाली अवस्था में आएं।
  • फिर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से सांस छोड़ दें। इस दौरान भी आवाज नहीं आनी चाहिए।
  • इस तरह इस आसन का एक चक्र पूरा होगा।
  • इसे पांच से दस बार किया जा सकता हैं।

इस प्राणायाम को करने से पहले बरतें ये सावधानी :

इन बातों को ध्यान जरूर रखे।

  • हृदय रोग या मिर्गी की समस्या वाले व्यक्ति इस प्राणायाम को करने से बचे।
  • इस प्राणायाम को गर्भवती महिलाओं करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

4. भ्रामरी प्राणायाम

Bhramari Pranayam

भ्रामरी प्राणायाम कैसे है फायदेमंद :

प्राणायाम उम्र के बढ़ते प्रभावों को कम करने के साथ ही चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, प्राणायाम करने से चेहरे की झुर्रियों को कम किया जा सकता है। वहीं, इस बारे में अभी और रिसर्च की आवश्यकता है।

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें :

  • सबसे पहले किसी शांत वातावरण में योग मैट (चटाई) पर बैठ जाएं।
  • और फिर अपनी आंखें बंद करें।
  • अब अपने अंगूठे से कानों को बंद कर लें और अपनी मध्य और उसके बगल (अनामिका) की अंगुली को आंखों पर रखें।
  • उसके बाद मुंह को बंद रखते हुए नाक के द्वारा गहरी सांस अंदर कि ओर लें। और फिर मधुमक्खी जैसी आवाज (ह्म्म्म्म्म) करते हुए सांस को धीरे-धीरे बाहर की ओर छोड़ें।
  • सांस अंदर लेने का समय करीब 3-5 सेकंड तक का होना चाहिए और बाहर छोड़ने का समय 15-20 सेकंड तक का होना चाहिए।
  • उसके बाद दोबारा गहरी सांस लें और इसको 3 से 5 बार करें।

प्राणायाम करने से पहले बरतें ये सावधानी :

  • भ्रामरी प्राणायाम को खाली पेट ही करना चाहिए।
  • इस प्राणायाम को करते समय अपनी आंखों को जोर से न दबाएं।
  • कानों में संक्रमण होने पर इस प्राणायाम को करने से बचे।
  • माइग्रेन की समस्या वालों लोगों को इस प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए या फिर ट्रेनर की देखरेख में खुली आंखों से इसका अभ्यास करें।

5. भस्त्रिका प्राणायाम

Bhastrika Pranayama

भस्त्रिका प्राणायाम कैसे है फायदेमंद :

ग्लोइंग स्किन के लिए यह प्राणायाम फायदेमंद है। एक रिसर्च के मुताबिक, यह प्राणायाम श्वसन तंत्र को साफ और मजबूत करने के साथ ही शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने से चेहरे पर चमक लाने में मदद मिलती है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और रेसर्च करने की आवश्यकता है।

भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें :

  • सबसे पहले योग मैट(चटाई) बिछाकर पद्मासन में बैठ जाएं।
  • उसके बाद गला, रीढ़ की हड्डी और सिर बिल्कुल सीधा रखें। साथ ही, ध्यान रहे कि इस प्राणायाम को करते समय मुंह जरा भी खुला न रहे।
  • अब अपनी आंखें बंद कर लें।
  • उसके बाद दोनों नाक के छिद्रों से गहरी सांस लें। और सांस को अंदर लेने की प्रक्रिया में फेफड़े पूरी तरह से फूलने चाहिए।
  • उसके बाद दोनों नाक के छिद्रों के माध्यम से भरी हुई सांस को एक झटके में छोड़ें। वहीं, सांस को छोड़ते समय उसकी गति इतनी तेज होनी चाहिए कि साथ में फेफड़े सिकुड़ जाएं।
  • इस प्रकार इस प्राणायाम का एक चक्र पूरा होता है।
  • इस प्रक्रिया को 10 से 12 बार किया जा सकता हैं।

प्राणायाम करने से पहले बरतें ये सावधानी :

  • भस्त्रिका प्राणायाम को शुरू करने से पहले नाक को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए।
  • भस्त्रिका प्राणायाम योग की शुरुआत हमेशा धीमी गति के साथ ही करनी चाहिए।
  • अगर कोई हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित है, तो इस प्राणायाम को नहीं करना चाहिए।
  • वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी इस प्राणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

दोस्तों हम उम्मीद करते है कि आपको इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी अच्छे से समझ में आई होगी। तो दोस्तों त्वचा को चमकदार बनाने वाले इन प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। जो आपकी त्वचा को भी चमकदार बनाने में मदद करेंगे। दोस्तों ये जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी शेयर करें ताकि उन्हे भी ये जानकारी मिल सके। और ऐसी ही जानकारी पाने के लिए HindiHealthGuide से जुड़े रहे। आप हमें Facebook, Instagram, Twitter और Youtube पर भी फॉलो कर सकते है।

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