शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन के साथ साथ पर्याप्त नींद भी जरूरी है। लेकिन आजकल लोगों के बीच चिंता, तनाव और अवसाद (Depression) की समस्या बढ़ती जा रही है। इनका असर उनके दैनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है। यदि किसी को इस तरह की समस्याएं होती हैं, तो उन्हें ठीक तरह से रात में नींद भी आती है।
वो लोग अनिद्रा के शिकार हो जाते है। इस समस्या से बाहर निकालने ले लिए योग करना एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है। क्योंकि योग करने से आपका मन और दिमाग दोनों को शांत किया जा सकता है। तो चलिए आज के इस आर्टिकल में अच्छी नींद के लिए कुछ योगासनों (Yoga For Better Sleep in Hindi) की बात करेंगे।
अच्छी नींद के लिए 7 योगासन – Yoga For Better Sleep in Hindi
अनिद्रा से बचने के लिए और अच्छी नींद के लिए कुछ योगासन इस प्रकार है।
1. उत्तानासन योग (Standing Forward Bend Pose)

उत्तानासन को पादहस्तासन भी कहा जाता है। और उत्तानासन योग को अंग्रेजी में ‘इंटेंस फॉरवर्ड बेन्डिंग पोज’ भी कहा जाता है। उत्तानासन एक संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब जोर से खिंचाव वाला आसन है। इस आसन के दौरान शरीर के ऊपरी हिस्से को नीचे की तरफ खिंचाव के साथ झुकाया जाता है। एक जानकारी के मुताबिक, कुछ योग टेंशन और स्ट्रेस से राहत पहुंचाने का काम कर सकते हैं। इस योग को करने सेअच्छी नींद आती है।
योग की प्रक्रिया
- उत्तानासन योग के लिए मैट बिछाकर ताड़ासन की मुद्रा में खड़े होकर गहरी सांस लें।
- अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुककर हाथों से अपने पैरों को छूने का प्रयास करें। चाहें, तो पैरों के टखने पकड़ सकते हैं।
- इस दौरान आपके घुटने सीधे होने चाहिए। साथ ही, सिर से घुटनों को छूने की कोशिश करें।
- इस अवस्था में आने के बाद सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें।
- कुछ सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। इसके बाद सांस लेते हुए ताड़ासन की मुद्रा में आ जाएं।
- उत्तानासन योग को शुरुआत में रुक-रुककर 10 मिनट तक कर सकते हैं।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- पीठ के निचले भाग में तेज दर्द या चोट लगी है, तो इस योग को न करें।
- इस आसन को गर्भवती महिलाएं भी ना करें।
2. शवासन योग (Corpse Pose)

शवासन योग देखने में साधारण लग सकता है लेकिन इस योग की सहायता से शरीर और दिमाग दोनों को शांत किया जा सकता है। जिसका सकारात्मक प्रभाव नींद पर पड़ सकता है।
साथ ही, इस योग की सहायता से अनिद्रा की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। अनिद्रा के लिए शवासन योग बहुत लाभकारी है।
योग की प्रक्रिया
- शवासन योग को करने के लिए एक शांत जगह पर मैट या चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
- इस दौरान हथेलियां को शरीर से एक फीट की दूरी पर रखें। और हथेलियों का मुंह आसमान की ओर रखे।
- पैरों के मध्य दो फीट का फासला रखें।
- अब आंखों को बंद कर लें।
- फिर मन को शांत करने की कोशिश करें और धीरे-धीरे सांस सांस लेते और छोड़ते रहें।
- और अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर रखें।
- इस अवस्था में लगभग 10 मिनट तक बने रहें। उसके बाद अपनी हाथ की हथेलियों को आपस में रगड़ें और उन्हें आंखों पर रखें। इसके बाद ही अपनी आंखें खोलें।
- इस योग को रोजाना किया जा सकता है।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- पीठ में चोट होने पर पीठ के बल ज्यादा देर तक लेटने से दर्द महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति होने पर इस योग को ना करें या कम समय तक करें।
3. बालासन (Wide-Knee Child’s Pose )

बालासन को अंग्रेजी में ‘चाइल्ड पोज’ कहा जाता है। इस योग का नाम संस्कृत के दो शब्द बाल व आसन को जोड़कर बनाया गया है। बाल का मतलब बच्चा और आसन का अर्थ मुद्रा से है। दरअसल, इस योग मुद्रा में आने के बाद शरीर (Body) एक छोटे बच्चे की समान दिखाई देने लगता है। यह योग अच्छी नींद लाने में मददगार साबित हो सकता है।
योग की प्रक्रिया
- बालासन करने के लिए सबसे पहले एक शांत स्थान पर मैट या चटाई बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
- उसके बाद लंबी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की तरफ उठाएं। हाथों के बीच फासला बनाकर रखें और अपनी हथेलियां खोलकर रखें।
- अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामने की ओर झुकें और माथे को जमीन से लगा दें। इस दौरान दोनों हाथों को सामने की तरफ रखें।
- इस मुद्रा में हाथ सामने, छाती जांघों पर और माथा जमीन से लगा होगा।
- थोड़ी देर इस मुद्रा में बने रहें।
- अब गहरी सांस लेते हुए पहले वाली मुद्रा में वापस आ जाएं और हाथों को नीचे कर लें।
- बालासन के चार से पांच चक्र कर सकते हैं।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- यदि किसी व्यक्ति के घुटनों में चोट लगी है, तो वो इस योग को न करें।
- बालासन के दौरान आगे की तरफ झुकने में परेशानी होती है, तो इस योग को न करें।
- गर्भवती महिलायें इस योग को न करे। क्योंकि इस योग से पेट पर दबाव पड़ सकता है।
4. विपरीत करनी योग (Legs Up The Wall Pose)

इस योग में पैर वाला भाग ऊपर की ओर और सिर वाला भाग नीचे की ओर होता है। विपरीत करनी योग के अभ्यास से पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र का एक भाग जो शरीर के आराम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है) को प्रभावित किया जा सकता है। ऐसे में अच्छी और गहरी नींद के लिए विपरीत करनी योग किया जा सकता है।
योग की प्रक्रिया
- विपरीत करनी योग के लिए दीवार का सहारा लिया जा सकता है, इसलिए मैट या चटाई को दीवार के पास बिछा लें।
- अब दीवार की तरफ मुंह करके सीधे बैठ जाएं।
- उसके बाद दोनों हाथों की मदद से पीछे की तरफ झुकते हुए हिप्स और पैरों को ऊपर की तरफ उठाकर सीधे दीवार पर टिका दें। ध्यान रहे कि दोनों पैर सीधे होने चाहिए।
- अब संतुलन बनाए रखने के लिए कमर को दोनों हाथों से सहारा दें व सिर, कंधों और कोहनी को जमीन पर टिका दें।
- इस दौरान शरीर का पूरा भार कोहनी व कंधों पर होगा। ध्यान रहे कि सिर पर भार नहीं पड़ना चाहिए।
- थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें।
- फिर धीरे धीरे योग क्रिया को विपरीत कर शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।
- इस योग को शुरुआत में रुक – रुककर 15 मिनट तक कर सकते है।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- कंधों में दर्द या चोट की स्थिति में इस योग को न करें।
- कोहनियों में घाव या चोट लगने पर इस योग को न करें।
- गर्भवती महिलाओं को यह योग नहीं करना चाहिए।
5. अर्ध उत्तानासन योग (Standing Half Forward Bend Pose)

अर्ध उत्तानासन योग उत्तानासन योग का ही एक प्रकार होता है। इस योग के दौरान शरीर के ऊपरी हिस्से को नीचे झुकाया जाता है और हाथों से जमीन को छूने की प्रयास किया जाता है।
अच्छी नींद के लिए यह योग भी काफी कारगर साबित हो सकता है। यह योग तनाव से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है। यह योग अच्छी नींद दिलाने में मदद करता है।
योग की प्रक्रिया
- इस योंग के लिए सबसे पहले ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाएं और दो से तीन बार गहरी सांस लें।
- अब सांस छोड़ते हुए कूल्हे को मोड़ते हुए नीचे की ओर झुकें और अपने दोनों हाथों से जमीन को छूने का प्रयास करें। इस दौरान घुटने को न देखें, बल्कि नीचे जमीन की तरफ देखें।
- ध्यान रहे, इस दौरान घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
- इस अवस्था में आने के बाद धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते रहें।
- कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
- इस योग को शुरुआत में 10 मिनट तक किया जा सकता हैं।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- कमर में दर्द होने पर इस योग न करे।
- गर्भवती महिलाओं को यह योग नहीं करना चाहिए।
6. सुप्त बद्धकोणासन योग (Reclining Bound Angle Pose)

अच्छी नींद के लिए सुप्त बद्धकोणासन योग किया जा सकता है। सुप्त बद्धकोणासन को संस्कृत के चार शब्दों को मिलाकर बना है। जिसमें सुप्त का मतलब लेटा हुआ, बद्ध का मतलब बंधा हुआ, कोण का मतलब अंग को मोड़ने से बनने वाली स्थिति और आसन का मतलब मुद्रा से है।
चिंता और तनाव से छुटकारा पाने के लिए इस योग को महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में, यह कहा जा सकता हैं कि चिंता और तनाव को दूर करके यह आसन अच्छी और गहरी नींद देने में मदद कर सकता है।
योग की प्रक्रिया
- इस योग को करने के लिए सबसे पहले मैट या चटाई बिछाकर शवासन की मुद्रा में आ जाएं।
- अब पीठ को हल्का-सा ऊपर की तरफ उठाकर पीठ के नीचे पतला तकिया रख दें।
- उसके बाद दोनों पैरों को घुटने से मोड़कर तलवों को जोड़ लें और एड़ियों को हिप्स के पास जमीन पर टीका दें।
- उसके बाद दोनों हाथों को ऊपर उठाकर सिर के पीछे ले जाएं और सीधा फैला दें।
- अब जितना हो सके उतना एड़ियों को हिप्स के पास सटाने की कोशिश करें।
- थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें व सामान्य रूप से सांस छोड़ते और लेते रहें।
- उसके बाद वापस शवासन की मुद्रा में आ जाएं।
- इस योग को शुरुआत में तीन से पांच चक्र तक कर सकते हैं।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- घुटनों व जांघों में दर्द होने पर इस योग को न करें।
- रीढ़ की हड्डी की समस्या से परेशान व्यक्ति इस योग को न करें।
7. लेग्स ऑन द चेयर पोज

अच्छी नींद के लिए यह योग फायदेमंद है। इस योग को करने के दौरान अपने दोनों पैरों को कुर्सी के ऊपर रखकर जमीन पर लेटा जाता है। यह योग टेंशन व स्ट्रेस(Stress) को कम करके अच्छी नींद दिलाने में मदद कर सकता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी वेबसाईट पर प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यह योग टेंशन व स्ट्रेस को कम कर सकता है।
योग की प्रक्रिया
- इस योग को करने के लिए कुर्सी या सोफे के पास मैट या चटाई को बिछा लें।
- अब कुर्सी की ओर मुंह करके बैठ जाएं।
- फिर पीछे की ओर झुकते हुए लेट जाएं और पैरों को कुर्सी पर रख दें। ध्यान रहे, कि दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी होनी चाहिए।
- अब लेटने के बाद हाथों को शरीर से एक फिट की दूरी में रखें और आंखें बंद कर लें।
- आंखें बंद करने के बाद मन को शांत करने की की कोशिश करें और सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें।
- उसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
योग के दौरान बरतने वाली सावधानियां
- कमर दर्द होने पर इस योग को न करें।
- और रीढ़ की हड्डियों से जुड़ी समस्या होने पर भी इस योग को न करें।
नोट : इन सभी योगासनों को बिना किसी ट्रेनर के न करें।
दोस्तों, हम उम्मीद करते है, कि आपको ये सभी योगासन पसंद आए होंगे। इन सभी योगासनों की मदद से मन और दिमाग दोनों को शांत किया जा सकता है। जब मन और दिमाग दोनों शांत रहेंगे,
तो अच्छी और गहरी नींद आएंगी। आप इन सभी योगासनों की मदद से अनिद्रा से बाहर निकल सकते है। दोस्तों, जो भी लोग अनिद्रा के शिकार है, उन लोगों को ये आर्टिकल जरूर शेयर करे।